स्वाइन फ्लू के वायरस से ब्लॉग जगत चिंतित
स्वाइन फ्लू से भारत में हुई पहली मौत के बाद ब्लॉग जगत चौकस हो गया है। कम उम्र के लोगों का इस बीमारी की चपेट में जल्दी आने के बारे में 'अनुराग' ने टिप्पणी की है। उसने कहा, "स्वास्थ्य मंत्रालय ने एच1एन1 वायरस के संक्रमण से प्रभावित लोगों को लेकर विश्लेषण किया है, जिसमें कहा गया है कि ज्यादातर संक्रमित व्यक्ति 10 से 39 साल की उम्र के हैं।"
ब्लॉग 'चिट्ठाराम' ने अपनी टिप्पणी में कहा है, "देश में स्वाइन फ्लू के अब तक सामने आए मामलों में देखा गया है कि 10 से 14 वर्ष के बच्चे इस बीमारी के अधिक शिकार बन रहे हैं। करीब 48 फीसदी स्वाइन फ्लू पीड़ित स्कूली बच्चे हैं। देश में स्वाइन फ्लू से पहली मौत रिदा शेख की हुई, जो 14 साल की थी।"
'अलर्ट' ने टिप्पणी की है, "विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा बीमारी के बढ़ने की चेतावनी और अधिक सतर्कता बरतने पर जोर देन के बावजूद देश की स्वास्थ्य एजेंसियां अभी भी कछुआ चाल से ही चल रही है। एकतरफ सराकरी संसाधन सीमित हैं तो दूसरी तरफ निजी अस्पतालों के लिए तो दिशा निर्देश भी नहीं बने हैं।"
'स्वाइन फ्लू एंड पुणे' ने पुणे की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी की है, "स्वाइन फ्लू से देश में पहली मौत देखने वाले महाराष्ट्र के शहर पुणे के सरकारी अस्पताल में जांच के लिए सैंकड़ों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। लोग मास्क लगाकर कतारों में घंटों इंतजार कर रहे हैं। दो और लोगों में एच1एन1 वायरस की पुष्टि के बाद यहां अबतक 109 मामले सामने आ गए हैं।"
'मीडिया ऑन वॉच' ने टिप्पणी की है कि स्वाइन फ्लू का असर कारोबार पर भी देखा जा रहा है। इसने टिप्पणी की है, "अमेरिका और यूरोप में फैली संक्रामक रोग स्वाइन फ्लू ने भारत के होजरी, कपड़ा और इंजीनियरिंग कारोबार को अपनी चपेट में ले लिया है। विभिन्न देशों को निर्यात होने वाला माल डंप पड़ा है क्योंकि विदेशी खरीददारों ने साफ कह दिया है कि जब तक स्वाइन फ्लू का खतरा टल नहीं जाता तब तक माल नहीं भेजा जाए।"
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष अप्रैल में मेक्सिको और अमेरिका में स्वाइन फ्लू के मामले प्रकाश में आए थे। फिलहाल विश्व के 168 देश एच1एन1 वायरस का मुकाबला कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक अलद-अलग देशों में चिकित्सीय नमूनों की जांच में 1,62,380 मामलों की पुष्टि हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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