भारत-चीन सीमा वार्ता से मजबूत संबंधों की उम्मीद (लीड-1)
नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पर दो दिवसीय बातचीत शुक्रवार को शुरू हो गई। इस बातचीत का मकसद दोनों देशों के बीच जटिल सीमा विवाद का उचित और सर्वमान्य समाधान हासिल करना है। उम्मीद जाहिर की गई है कि इस बातचीत से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी में मजबूती आएगी।
सीमा विवाद पर हो रही 13 वें दौर की बातचीत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के.नारायणन कर रहे हैं, जबकि चीनी शिष्टमंडल की अगुवाई विदेश मामलों के उप मंत्री दाई बिंगुओ कर रहे हैं।
विदेश सचिव निरुपमा राव और विदेश मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी भारतीय शिष्टमंडल में शामिल हैं। राव पहले चीन में भारत की राजदूत भी रह चुकी हैं।
उधर चीन के प्रतिनिधिमंडल में बिंगुओ के अलावा उप विदेश मंत्री वू दावेइ और रक्षा मंत्रालय तथा सीमा एवं समुद्री मामलों के मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं।
अरूणाचल प्रदेश के तवांग पर चीन के हाल के दावों की पृष्ठिभूमि में 13वें दौर की यह बातचीत आयोजित हो रही है।
बातचीत शुरू होने के मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नारायणन ने कहा, "सरकार चीन के साथ अपने संबंधों को उच्च प्राथमिकता देती है। हम न केवल पड़ोसी हैं, बल्कि हम रणनीतिक व सहकारी साझेदार भी हैं।"
नारायणन ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि बातचीत से दोनों देशों के बीच बहुस्तरीय संबंधों को मजबूती प्रदान करने में मदद मिलेगी।
बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि चीन सीमा विवाद के मुद्दे के एक ईमानदार, सर्वमान्य व उचित समाधान के लिए भारत के साथ आपसी समझ और सहयोग की भावना के साथ संयुक्त प्रयास करना चाहता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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