चिंतन बैठक में यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी को जगह नहीं
नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आगामी 19 से 21 अगस्त तक होने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चिंतन बैठक में लोकसभा चुनावों में मिली हार की समीक्षा न किए जाने पर मुखर होकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की आलोचना करने वाले पार्टी उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा और वरिष्ठ नेता अरुण शौरी को जगह नहीं मिल पाई है।
पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने आईएएनएस से कहा, "चिंतन बैठक में कौन-कौन से नेता शामिल होंगे इसके लिए एक आधार तय किया गया है। बैठक में पार्टी की कोर ग्रुप के सदस्य, राष्ट्रीय महामंत्री, सभी मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री और लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता।"
पार्टी ने चिंतन बैठक में शामिल होने वाले नेताओं के लिए जो आधार तैयार किया है उसके हिसाब से जसवंत सिंह तो 25 सदस्यों में जगह बनाने में सफल रहे हैं क्योंकि वह पार्टी की कोर ग्रुप के सदस्य हैं।
लोकसभा चुनाव में मिली हार पर विस्तार से चर्चा न कराए जाने के लिए शीर्ष नेतृत्व की खुलकर आलोचना करने वाले दो अन्य नेता यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी चिंतन बैठक के लिए तय 25 नेताओं में जगह बनाने में असफल रहे हैं। क्योंकि पार्टी ने बैठक में शामिल होने नेताओं के लिए जो आधार तय किया है उसमें दोनों ही नेता फिट नहीं बैठते।
उन्होंने कहा, "इस बैठक में हार की समीक्षा और भविष्य की राह पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भविष्य की राह कहने का अर्थ है कि भविष्य में भाजपा का सामाजिक और भौगोलिक विस्तार कैसे हो, इस पर चर्चा होगी। कहीं पार्टी का वैचारिक क्षरण तो नहीं हो रहा है, इस पर भी चिंतन किया जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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