हिज्बुल के 2 संदिग्ध आतंकी पुलिस हिरासत में भेजे गए
दोनों को शुक्रवार को मुख्य महानगर दंडाधिकारी कावेरी बावेजा की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को सात अगस्त तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।
दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा निवासी जावेद अहमद और कठुआ निवासी आशिक अली भट्ट को पुरानी दिल्ली के दरियागंज इलाके से गुरुवार को देर रात उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे एक फर्जी वाहन पंजीकरण नंबर वाली चोरी की हुंडई सैंत्रो कार से जा रहे थे।
पुलिस ने कार की पिछली सीट से दो एके-47 राइफल, दो मैगजीन, 120 चक्र गोलियां, दो हथ गोले, दो फर्जी पहचान पत्र और 40 हजार रुपये के नोट बरामद किए हैं।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (विशेष शाखा) पी.एन.अग्रवाल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "गिरफ्तार दोनों संदिग्ध, हिज्बुल मुजाहिद्दीन से संबद्ध हैं और उन्हें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हथियारों और धार्मिक विचारों का प्रशिक्षण दिया गया है। हमने दोनों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किए हैं। हम राष्ट्रीय राजधानी में उनके संभावित लक्ष्यों और योजनाओं के बारे में उनसे पूछताछ कर रहे हैं।"
पुलिस के अनुसार दोनों संदिग्ध गुरुवार की शाम दिल्ली पहुंचे थे। दोनों ने उसके बाद एक सार्वजनिक टेलीफोन बूथ से पाकिस्तान स्थित अपने सूत्रधार शाहिद को फोन करके आगे के निर्देश के बारे जानकारी मांगी थी। शाहिद ने दोनों को अगले कदम के बारे में जानकारी के लिए सराय काले खां बस टर्मिनल पर किसी से मिलने के लिए कहा था।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने पुलिस को दोनों के बारे में सतर्क कर दिया था।
अग्रवाल ने कहा, "हम कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहते थे, लिहाजा हमारे जवानों ने दोनों का पीछा किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हमने एक पुलिस दल को सराय काले खां बस अड्डे पर भी भेजा, लेकिन वहां कोई आदमी नहीं मिला।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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