दिल्ली सरकार ने हिमाचल को बांध के लिए 214 करोड़ रुपये दिए : धूमल
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने उनके राज्य को पनबिजली परियोजना के लिए 214.83 करोड़ रुपए मुहैया कराए हैं। यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को पीने का पानी मुहैया कराएगी।
राज्य विधान सभा में गुरुवार को धूमल ने बताया कि दिल्ली सरकार ने सिरमौर जिले में रेणुका बांध बनाने के लिए यह धनराशि दी है। इससे दिल्लीवासियों को पीने का पानी मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना की कुल लागत 2,676.04 करोड़ रुपये आएगी जिसमें से 15 फीसदी परियोजना से प्रभावित होने वाले स्थानीय परिवारों के पुनर्वास पर खर्च किया जाएगा।
कांग्रेस सदस्य कौल सिंह ठाकुर के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया की इस परियोजना से 84 परिवार भूमि विहीन और 81 परिवार बेघर होंगे, धूमल ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवार को हर तरह की आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि परियोजना का 90 फीसदी खर्च केंद्र सरकार वहन कर रही है जबकि बाकी खर्च पंजाब और हरियाणा जैसे उत्तरी राज्य वहन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजन में विलंब की वजह से इसकी लागत 1,600 करोड़ से बढ़कर 2,676.04 करोड़ हो गई।
गौरतलब है कि सरकार ने राहत राशि सिंचित भूमि के लिए 1.79 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 रुपये और अर्ध सिंचित भूमि के लिए 67,000 से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये प्रति बीघा कर दी है।
यमुना की सहायक नदी गिरी पर बनने वाला 148 मीटर ऊंचा बांध दिल्ली से 350 किलोमीटर दूर स्थित होगा जो प्रति सेकेंड दिल्ली को 23 क्यूबिक मीटर पानी की आपूर्ति करेगा और जिससे 40 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा।
रेणुका बांध परियोजना का नाम भगवान परशुराम के नाम पर परशुराम सागर परियोजना रखा गया है। बहरहाल, प्रभावित परिवारों ने राहत राशि लेने से इंकार कर दिया है और वे लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
रेणुका बांध जन संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जनों गांवों के ग्रामीण शामिल हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने भूमि अधिग्रहण शुरू करने से पहले उनको विश्वास में नहीं लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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