बैंक हड़ताल से कई शहरों में एटीएम बंद (लीड-1)
कोलकाता में रियल एस्टेट प्रोमोटर सुमित मजूमदार ने कहा, "मुझे रुपयों की सख्त जरूरत थी लेकिन हमें एक भी एटीएम खुला नहीं मिला।"
कोलकाता के ही मोहम्मद अली अख्तर ने कहा, "एटीएम का उपयोग लोग जरूरत के वक्त ही करते हैं ऐसे में इन्हें बंद कैसे किया जा सकता है? आखिर वेतन बढ़ाने की मांग को पूरा कराने के लिए इन्हें बंद करने को जायज ठहराया जा सकता है।"
बेंगलुरू में अधिकतर एटीएम हालांकि खुले रहे लेकिन इनमें गुरुवार शाम से ही नकदी खत्म हो गई।
वेतन और पेंशन को लेकर जारी बैंक कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल का शुक्रवार को दूसरा दिन था।
बैंक प्रबंधन की ओर से देश भर में स्थापित स्वचालित टेलर मशीनों (एटीएम) के जरिए नकदी की उपलब्धता बरकरा रखने की कोशिश तो की गई, लेकिन चेक मंजूर नहीं हो पाए, जिसके कारण देश भर में भुगतान कार्य प्रभावित हुआ।
बैंक प्रबंधन की एक प्रतिनिधि संस्था, इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व उप मुख्य कार्यकारी के.उन्नीकृष्णन ने आईएएनएस को बताया, "85 प्रतिशत बैंक शाखाओं के बंद रहने के बारे में सूचना प्राप्त हुई है। इस दौरान कितना कार्य प्रभावित हुआ, इसका सही अंदाजा लगा पाना तो कठिन है, लेकिन लोगों को कठिनाई हुई है, यह तय है।"
उन्नीकृष्णन ने कहा, "चेक तो शनिवार को मंजूर किए जाएंगे, लेकिन विप्रेषण का कार्य मंगलवार को ही हो पाएगा। हां, ऑनलाइन विप्रेषण जारी है, जिससे हड़ताल के कारण पैदा हुए व्यवधान के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी।"
भारतीय शेयर और बांड बाजारों में भी शुक्रवार को कारोबार में गिरावट का अनुमान है, क्योंकि तमाम सारे भुगतान सार्वजनिक बैंकों के जरिए ही होते हैं।
मई 2009 के आंकड़े के अनुसार प्रतिदिन अनुमानित 35 लाख चेक मंजूर किए जाते हैं। इन चेकों की अनुमानित राशि 26,767 करोड़ रुपये होती है।
पूर्वोत्तर में करीब 30 हजार कर्मचारी हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। त्रिपुरा में 2700 बैंक कर्मचारी हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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