नेपाली शाही खानदान के कत्लेआम की साजिश का दावा करने वाला गिरफ्तार (लीड-1)
काठमांडू, 7 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल पुलिस ने तत्काल हरकत में आते हुए आठ साल पहले शाही खानदान में हुए कत्लेआम की साजिश रचने का दावा करने वाले 59 वर्षीय शख्स को गुरुवार आधी रात को गिरफ्तार कर लिया। जून 2001 को पूर्व नरेश बीरेंद्र और उनके परिवार के नौ अन्य सदस्यों की निमर्म हत्या कर दी गई थी।
तुल प्रसाद शेरचन मोटरसाइकिल की पिछली सीट पर बैठकर किसी अज्ञात स्थान पर जा रहा था तभी पुलिस ने उसे रोक लिया। उसके साथी और मीडिया सलाहकार ने आईएएनएस को बताया कि उसे हुनमानढोका पुलिस थाने में रखा गया है।
शेरचन ने गुरुवार को राजधानी काठमांडू के मीडिया क्लब में दावा किया था कि जून 2001 में हुए शाही खानदान हत्याकांड की साजिश उसी ने रची थी। परंपरागत नेपाली पोशाक और नेपाली टोपी पहने शेरचन ने यह घोषणा कर सबको चौंका दिया कि वह नरेश बीरेंद्र के कार्यकाल के दौरान गुप्तचर ब्यूरो का प्रमुख था।
शेरचन ने बताया कि उसने यह साजिश 1975 में लंदन में रची थी और उसके पास अपना दावा सिद्ध करने के लिए टेप्स हैं।
यह पूछने पर कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, शेरचन ने दावा किया कि उसे जानकारी मिली थी कि शाही खानदान के सदस्यों ने विदेशों से मिली सहायता राशि निकाल ली है। यदि वह धन नेपाल में लगाया जाता तो देश की अर्थव्यवस्था का स्वरूप बदल गया होता।
शेरचन ने यह भी दावा किया कि उन्होंने बार-बार शाही परिवार से कुछ दौलत नेपाल में निवेश करने को कहा था लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया और 38 महीनों के लिए जेल में डाल दिया।
नेपाल के प्रमुख मीडिया ने जहां इस दावे को नजरंदाज किया है वहीं कुछ लोगों ने इस मजाक करार दिया है।
शाही खानदान ने भी इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी हैं। उनका कहना है कि वे किसी तुल प्रसाद शेरचन को नहीं जानते। केवल माओवादियों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है और इसे दिसंबर में होने वाली पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र की संभावित भारत यात्रा से जोड़कर देखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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