बैंक कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू
देश भर से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक लोग स्वचालित टेलर मशीन (एटीएम) से धन निकाल सकते हैं लेकिन बैंकों से जुड़े अन्य काम-काजों पर हड़ताल के कारण प्रतिकूल असर पड़ा है।
हड़ताल का आह्वान 'यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस' के तत्वावधान में किया गया है। यह फोरम विभिन्न बैंकों के नौ कर्मचारी संघों का प्रतिनिधित्व करता है।
हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों के अलावा निजी कैथोलिक सीरियन बैंक और विदेशी बैंक एचएसबीसी के कर्मचारी शिरकत कर रहे हैं। यद्यपि, देश के सबसे बड़े निजी बैंक आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और स्टैंडर्ड चार्टर्ड में कामकाज सुचारू रूप से चल रहा है।
राजधानी में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक ग्राहक उषा रामाकृष्णन ने कहा, "मैं पैसा निकालने में सफल रही, लेकिन एक पे आर्डर हासिल करने के लिए मुझे किसी निजी बैंक में जाना पड़ेगा।"
हड़ताल पर गए कर्मचारियों की मुख्य मांगों में वेतन में वृद्धि, अवकाश प्राप्त करने के बाद की स्थिति के लिए एक बेहतर सामाजिक सुरक्षा और विकलांग या मृत कर्मचारियों के परिजनों के लिए नौकरी शामिल है।
कर्मचारियों की मांग वेतन में 20 प्रतिशत की वृद्धि करने की है जबकि बुधवार को भारतीय बैंक संघ ने 17.5 फीसदी की वृद्धि का प्रस्ताव दिया था। यह संघ बैंक प्रबंधनों का प्रतिनिधित्व करता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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