बुद्ध जयंती पार्क बलात्कार मामले में फैसला शुक्रवार को
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.के.सरवरिया ने 24 जुलाई को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़ित लड़की अपने दोस्त आशीष के साथ छह अक्टूबर 2003 को राष्ट्रपति भवन के पास स्थित इस पार्क में गई थी जहां हरप्रीत और सतेंद्र ने उसके साथ बलात्कार किया जबकि कुलदीप और मनीष आने-जाने वालों पर नजर रख रहे थे।
अभियोजन ने बलात्कार की बात को साबित करने के लिए मामले में 25 गवाह पेश किए।
अभियोजन का आरोप है कि चारों आरोपियों ने पहले लड़की के दोस्त की पिटाई की और फिर लड़की को पार्क में ही एक निर्धारित स्थान पर ले गए और उसके साथ बलात्कार किया।
आरोपियों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार, अपहरण और डकैती के साथ ही भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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