वीरभद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले पर हिमाचल विधानसभा में हंगामा
सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण नहीं मिलने से नाराज होकर विपक्षी सदस्यों ने विधानसभा से बहिर्गमन भी किया।
प्रश्नकाल के बाद इस मुद्दे को उठाते हुए विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से इस विषय पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मीडिया में बयान दिया था कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। "इस बारे में वह सदन में स्पष्टीकरण दें और वस्तुस्थिति से हमें अवगत कराएं।"
इस पर विधानसभाध्यक्ष तुलसी राम ने कहा कि इस विषय पर बाद में चर्चा हो सकती है। इसके लिए चाहे तो विपक्ष चर्चा के लिए नोटिस दे सकता है। इस निर्णय के विरोध में कांग्रेस सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।
उल्लेखनीय है कि सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। सिंह पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते अपने पद का दुरुपयोग किया।
राज्य के पुलिस महानिरीक्षक (सतर्कता) एस. आर. मार्डी ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया था कि सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ सोमवार रात राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून, 1988 के तहत मामला दर्ज किया।
मार्डी ने कहा था कि वीरभद्र सिंह के राजनीतिक सलाहकार विजय सिंह मनकोटिया द्वारा पिछले वर्ष मई में जारी आडियो सीडी के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सीडी में वीरभद्र सिंह को कथित तौर पर आईएएस अधिकारी महिंदर लाल से पैसे के लेने-देन के बारे में बात करते सुना गया। महिंदर लाल की मौत हो चुकी है। सीडी में उनकी पत्नी और मंडी की पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह की भी आवाज है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications