• search

देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया राखी का त्योहार (राउंडअप)

|

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रक्षा बंधन का त्योहार बच्चों के साथ मनाया। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने विकलांग बच्चों के साथ रक्षा बंधन का त्योहार मनाकर उनकी खुशी में शामिल हुईं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी रक्षा बंधन का त्योहार स्कूली बच्चों के साथ अपने आवास पर मनाया।

श्रावण महीने की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला रक्षा बंधन का त्योहार देश भर में भारी उल्लास के साथ मनाया गया। मान्यता के अनुसार बहनें सुबह से लेकर तब तक व्रत रखती हैं, जब तक वे अपने भाइयों की कलाइयों में राखी नहीं बांध लेतीं। वे इसके लिए एक थाली में मिट्टी या धातु का एक दीपक, राखी, रोली, कुमकुम, अक्षत, मिठाइयां औैर फल सजाती हैं।

बहन अपने भाई की आरती उतारती है, राखी बांधती है, माथे पर तिलक लगाती है और मिठाई खिलाती है। इसके बदले में भाई अपनी बहन को उपहार प्रदान करता है और जीवनभर उसकी रक्षा के लिए संकल्प लेता है।

बहुत सारे लोगों ने इस वर्ष इस त्योहार को शाम को मनाने का निर्णय लिया, क्योंकि पुरोहितों के अनुसार रक्षा बंधन के लिए शाम को सबसे पवित्र मुहूर्त था।

दिल्ली के लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रमुख आचार्य रवींद्र नागर ने कहा था, "रक्षा बंधन के लिए पवित्र मुहूर्त अपराह्न् पांच बजे के बाद से है और यदि संभव हो तो भाई-बहन इस त्योहार को शाम को ही मनाएं। लेकिन इसके पहले भी राखी बांधने में कोई नुकसान नहीं है।"

रक्षा बंधन के कारण दिल्ली में सड़कों पर भारी भीड़ देखी गई। तमाम महिलाओं व पुरुषों को आकर्षक वस्त्रों में बाजारों में राखियों और मिठाइयों की खरीदारी करते हुए देखा गया।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने विभिन्न संगठनों और स्कूलों से आए 105 छात्रों से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। इनमें से कुछ बच्चे मानसिक व शारीरिक रूप से विकलांग थे। ये बच्चे दिल्ली के अलावा रेवाड़ी, ग्वालियर, पानीपत, कपूरथला और फरीदाबाद से आए हुए थे। राष्ट्रपति ने इस मौके पर बच्चों को मिठाइयां बांटी और उपहार प्रदान किए।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रक्षा बंधन का त्योहार 12 विभिन्न स्कूलों के बच्चों और ब्रह्माकुमारीज वर्ल्ड स्पिरिचुअल युनिवर्सिटी से आई महिलाओं के साथ अपने आवास पर मनाया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी रक्षा बंधन का त्योहार स्कूली बच्चों के साथ अपने आवास पर मनाया।

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने बुधवार को मानसिक रूप से विकलांग, मूक व बधिर बच्चों के एक समूह के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया।

मीरा कुमार ने राजस्थान के भिवाड़ी में स्थित आस्था स्पेशल स्कूल से आए इन बच्चों के साथ यहां अपने सरकारी आवास पर रक्षा बंधन का त्योहार मनाते हुए कहा, "भ्रातृत्व, प्रेम व स्नेह हर जगह, खासतौर से बच्चों में पनपना चाहिए।"

रक्षा बंधन के दिन बहन अपने भाई की कलाई में राखी बांधती है और बदले में भाई बहन को उपहार देता है और उसकी रक्षा का संकल्प लेता है। लेकिन मीरा कुमार को मानसिक रूप से विकलांग एक बच्चे ने राखी बांधी। मीरा कुमार ने बाद में बच्चों को उपहार प्रदान किए।

पंजाब की मंत्री ने बीएसएफ के जवानों को बांधी राखी :

पंजाब की स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने बुधवार को पाकिस्तान से लगी अटारी सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को रंगबिरंगी राखियां बांधकर रक्षा बंधन का त्योहार मनाया।

चावला पिछले कुछ सालों से रक्षा बंधन के दिन सुरक्षा बलों के जवानों को राखी बांधती आ रही है। अटारी पहुंचने के क्रम में रास्ते में मिले सैन्य चौकियों पर रूक कर भी चावला ने जवानों को राखी बांधी।

उन्होंने कहा, "सीमा पर खड़े ये सैनिक देश के लिए बहुत बड़ी कुर्बानी दे रहे हैं। देश की हर महिला का कर्तव्य है कि वह इन सैनिकों की हिफाजत की कामना करे।"

पेड़ों को राखी बांधकर रक्षा का संकल्प लिया :

उत्तर प्रदेश में रक्षा बंधन के अवसर पर पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए लखनऊ के चिड़ियाघर में एक नई तरह की पहल की गई। चिड़ियाघर में बुधवार को पर्यटकों से कहा गया कि वे किसी पेड़ को राखी बांध कर अपने आसपास की हरियाली को बचाने का संकल्प लें।

चिड़ियाघर के प्रवेश द्वारा पर 1,001 रंग-बिरंगी राखियां रखी हुई थीं। पर्यटकों को वहां से कोई एक राखी चुननी थी और उसे चिड़ियाघर उद्यान में स्थित किसी एक पेड़ में बांधनी थी।

चिड़िया घर की निदेशक रेणु सिंह ने आईएएनएस को बताया, "लोगों को पर्यावरण, खासतौर से पेड़ों की हिफाजत के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए यह पहल की गई है।"

चिड़ियाघर के अधिकारियों ने भी एक 150 साल पुराने पारिजात के पेड़ को 2.5 मीटर घेरे वाली राखी बांधी।

सिंह ने कहा, "पारिजात के पेड़ को इसलिए चुना गया, क्योंकि यह एक लुप्तप्राय प्रजाति है और चिड़ियाघर में इसके मात्र तीन पेड़ हैं।"

इंजीनियरिंग के तृतीय वर्ष के एक छात्र अक्षत कुमार ने कहा, "इस तरह की पहल का स्वागत करना चाहिए। मेरे विचार से पर्यावरण को लेकर इस तरह के कार्यक्रम हर त्योहार पर आयोजित किए जाने चाहिए।"

छात्राओं ने अनोखे तरीके से मनाया रक्षाबंधन :

बिहार के गया शहर में बुधवार को गौतम बुद्घ महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने रक्षाबंधन मनाने का अनोखा तरीका अपनाया। इस दौरान छात्राओं ने महाविद्यालय के आसपास खड़े लड़कों को राखी बांधी। इस स्थिति में वहां से कुछ लड़कों को भागते भी देखा गया।

मगध विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले इस महाविद्यालय की छात्राओं का मानना है कि ऐसा करने से आए दिन लड़कियों के साथ छेड़छाड़ तथा फब्तियां कसने वाले लड़कों की संख्या कम हो जाएगी।

महाविद्यालय में स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा अणु कुमारी ने बताया कि मंगलवार तथा रक्षा बंधन के दिन छात्राओं द्वारा ऐसा किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान करीब 75 से ज्यादा लड़कों की कलाइयों पर महाविद्यालय की छात्राओं ने राखी बांधी। उन्होंने कहा कि इससे हमलोगों को भाई भी मिल गया तथा अब फब्तियों से भी हमलोगों को छुटकारा मिलेगा।

स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा श्वेता बताती हैं कि हमलोग स्थानीय लड़कों से परेशान थे। इसके लिए कई बार प्रशासन को भी कहा गया परंतु कुछ नहीं हुआ। फलस्वरूप ऐसा करने का निर्णय लिया गया। वे बताती हैं कि इस दौरान कई लड़के भागने भी लगे थे।

इधर, महाविद्यालय के मनोविज्ञान विषय की लेक्च रर मंजु शर्मा ने बताया कि लड़कियों के आत्म बचाव के लिए इससे अच्छा और कोई तरीका हो ही नहीं सकता था। इससे उन लड़कों को भी महसूस होगा कि किसी भी लड़की को छेड़ना कितनी बुरी बात है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more