हरियाणा में एसईजेड की स्थापना के लिए रिलायंस को चाहिए और समय
चंडीगढ़, 5 अगस्त (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पांच करोड़ अमेरिकी डालर की लागत से गुड़गांव के निकट बनने वाले विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के लिए दो वर्ष के अतिरिक्त समय की मांग की है।
हुड्डा ने आईएएनस से एक साक्षात्कार में कहा, "इस परियोजना को पूरा करने के लिए रिलायंस ने दो वर्ष के अतिरिक्त समय की मांग की है। आर्थिक मंदी के कारण यह देरी हो रही है।"
उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि आर्थिक मंदी के कारण यह देरी हो रही है। कुछ दिनों में इससे निजात पा ली जाएगी।"
उल्लेखनीय है कि एसईजेड के लिए रिलायंस ने रिलायंस वेंचर्स नाम की एक कंपनी का निर्माण किया और राज्य सरकार के हरियाणा इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्च र डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के साथ इस सिलसिले में जून 2006 को एक समझौता किया था। इस समझौते के दौरान मुख्यमंत्री और मुकेश अंबानी दोनों उपस्थित थे।
रिलायंस ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए तीसरी बार अतिरिक्त समय दिए जाने की मांग की है। आगामी 11 अगस्त को वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर की अध्यक्षता में एसईजेड की मंजूरी देने वाले बोर्ड की प्रस्तावित बैठक में संभवत: अतिरिक्त समय दिए जाने की रिलायंस की मांग को मंजूरी दे दी जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक रिलायंस को इस परियोजना में 250 अरब रुपये का निवेश करना है।
इस बीच एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, "रिलांयस के लोग इस परियोजना में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इसमें जो भी देरी हो रही है वह इसी वजह से हो रही हैं।"
पूर्व सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई रिलायंस की इस परियोजना के मुखर आलोचक रहे हैं। वह कहते रहे हैं कि रिलायंस इस परियोजना को लेकर गंभीर नहीं है।
सूत्रों का कहना है कि इस परियोजना के लिए रिलायंस अब तक 1200 एकड़ जमीन का ही अधिग्रहण कर सकी है।
सरकारी एजेंसी ने अपने हिस्से की 330 एकड़ जमीन रिलायंस के लिए हस्तांतरित की है, लेकिन रिलायंस को अतिरिक्त जमीन अधिग्रहित करने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
परियोजना स्थल पर गुड़गांव व झज्जर जिले के निवासी जमीन अधिग्रहण के लिए बहुत कीमत मांग रहे हैं जबकि एक वर्ग इसका विरोध कर रहा है।
मुख्यमंत्री इस बारे में कहते हैं, "हम किसानों को उनकी जमीन की सर्वाधिक कीमत दे रहे हैं लेकिन वे संतुष्ट नहीं हैं। वे मौके का फायदा उठाकर अधिक से अधिक कीमत प्राप्त करना चाहते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications