भारत-नेपाल सीमा विवाद से बाघ संरक्षित क्षेत्र को खतरा
सुस्ता (बिहार), 5 अगस्त (आईएएनएस)। वाल्मीकिबाघ संरक्षित क्षेत्र के सुस्ता इलाके में अवैध आबादी से वन्यजीवों को खतरा पैदा हो गया है लेकिन भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद के कारण वन विभाग के अधिकारी सुस्ता क्षेत्र में गश्त नहीं कर पाते।
स्वयंसेवी संस्था वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) के सहायक प्रबंधक समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि सुस्ता इलाके का उपयोग लकड़ी और बांस की तस्करी के लिए धड़ल्ले से किया जाता है। मदनपुर रेंज में वन्यजीवों का शिकार भी जारी है। भारत और नेपाल दोनों देशों के नागरिक इसमें लिप्त हैं।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में वाल्मीकि बाघ संरक्षित क्षेत्र में कम से कम दो बाघ मार दिए गए हैं। एक बाघ की हत्या पिछले वर्ष मई में सुस्ता क्षेत्र में की गई।
भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद का कारण गंडक नदी की धारा में बार-बार होने वाला बदलाव है।
ब्रिटिश भारत और नेपाल के बीच वर्ष 1816 की सुगौली संधि के अनुसार गंडक नदी के पूर्व में भारत और पश्चिम में नेपाल की सीमा रहेगी।
उसके बाद से गंडक नदी कई बार अपनी धारा बदल चुकी है और तब जो सुस्ता क्षेत्र नेपाल में था इस समय भारतीय सीमा में आ गया है।
वाल्मीकि रिजर्व की स्थापना वर्ष 1978 में की गई और उस समय भी सीमा विवाद जारी था। दोनों देशों के बीच जारी सीमा विवाद का लाभ शिकारी उठा रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications