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माया को मूर्तियों के लिए और पैसा चाहिए

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Mayawati
लखनऊ। मूर्तियां स्थापित करने के अभियान को लेकर हो रही व्यापक आलोचनाओं से बेफिक्र उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार ने ऐसी परियोजनाओं के लिए 5.56 अरब रुपये की अतिरिक्त राशि पर विधानसभा से मंजूरी मांगी है। इसके ठीक विपरीत सूखे से निपटने के लिए मात्र 250 करोड़ रुपये का प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया गया है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मई 2007 में जब से उत्तर प्रदेश में सत्ता में आई है, तब से अब तक मुख्यमंत्री मायावती की इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए 50 अरब रुपये आवंटित किए जा चुके हैं। सोमवार को राज्य विधानसभा में पेश किए गए 7,559 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट में मायावती ने इन परियोजनाओं के लिए 556 करोड़ रुपये की नई मांग पेश की है। जबकि प्रदेश में सूखे से निपटने के लिए मात्र 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सूखे से निपटने के लिए केंद्र से मांगा पैसा

मजेदार बात यह है कि राज्य सरकार सूखा प्रभावित जिलों से निपटने के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज के लिए केंद्र सरकार के पीछे पड़ी हुई है। विपक्ष के नेता शिवपाल यादव, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रमोद तिवारी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ओमप्रकाश सिंह ने सूखे को लेकर सरकार की स्पष्ट उदासीनता की तीखी आलोचना की है।

विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री द्वारा अपने बेड़े में एक और हेलीकॉप्टर जोड़ने की भी निंदा की है। एक नया हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए पूरक बजट में 10 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है। मायावती द्वारा सूखे से निपटने के बदले स्मारकों और मूÍतयों के लिए अधिक धनराशि का प्रावधान करने की एकमत से आलोचना करते हुए कुछ विपक्षी सदस्यों ने विरोधस्वरूप विधानसभा से बहिर्गमन किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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