हाफिज सईद की रिहाई पर लोकसभा में हंगामा
हंगामे के चलते लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने शून्यकाल में हाफिज सईद की रिहाई के मामले को उठाते हुए कहा, "मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता को पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने छोड़ दिया है। यह मामूली घटना नहीं है। यह देश के स्वाभिमान पर चोट है। इससे देश को खतरा पैदा हो गया है।"
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के साथ जो संयुक्त वक्तव्य जारी किया गया है, उसे मैंने इसी लिए रद्दी की टोकरी में फेंकने को कहा था। उस बयान पर हस्ताक्षर करना गलत था।"
पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा सांसद यशवंत सिन्हा ने कहा, "प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की जब मुलाकात हुई थी तो उन्होंने भारत को एक दस्तावेज सौंपा था जिसमें इस बात का जिक्र था कि पाकिस्तान आंतकवाद के मुद्दे पर आगे क्या कार्रवाई करेगा।
जहां तक मुझे जानकारी है उसमें हाफिज सईद का जिक्र नहीं था। हाफिज सईद का इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के साथ संबंध है, इसलिए पाकिस्तान में उसके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं है।"
उन्होंने कहा, "कुछ दिनों पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने भी पाकिस्तान को एक दस्तावेज सौंपा है। दस्तावेज सौंपने के बाद उन्होंने कहा था कि यह मुंबई हमले के दोषियों को सजा दिलाने के लिए काफी है। लेकिन इसके दो ही दिनों बाद हाफिज सईद की रिहाई हो गई।"
यशवंत सिन्हा के इतना कहने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनके बोलने के लिए जो समय सीमा निर्धारित की गई थी वह पूरी हो चुकी है। यह कहते हुए उन्होंने कांग्रेस के मधु याक्षी गौड़ का नाम पुकारा लेकिन सिन्हा अपने स्थान पर बोलते रहे। इसी बीच भाजपा सांसदों ने हंगामा आरंभ कर दिया। उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लालू प्रसाद भी कुछ बोलते नजर आए लेकिन हंगामे के कारण उनकी आवाज स्पष्ट नहीं हो सकी।
लोकसभाध्यक्ष ने सदस्यों से कई बार शांत होने को कहा लेकिन सदस्यों ने हंगामा जारी रखा। इसके चलते उन्होंने सदन की कार्यवाही एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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