मानसून और ठंड में बढ़ सकते हैं स्वाइन फ्लू के मामले : विशेषज्ञ
विशेषज्ञों ने कहा है कि चूंकि स्वाइन फ्लू का वायरस देश में प्रवेश कर गया है, लिहाजा लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में औषधि विभाग के प्रमुख रणदीप गुलेरिया ने आईएएनएस से कहा , "चौकसी और परीक्षण को उच्च प्राथमिकता देनी है। अभी तक वायरस हल्का है। लेकिन यह सर्वविदित सच्चाई है कि यह अपना स्वभाव बदल सकता है। यदि इसके स्वभाव में बदलाव आता है तो यह वायरस ज्यादा विषैला हो सकता है।"
गुलेरिया ने कहा, "स्वाइन फ्लू का वायरस मानसून और ठंड के मौसम में ज्यादा तेजी के साथ फैल सकता है। लिहाजा आने वाले महीनों में हम संक्रमण के ज्यादा मामले देख सकते हैं। यह स्थिति गंभीर हो सकती है।"
गुलेरिया ने चेतावनी दी है कि वायरस बस्तियों में फैल सकता है।
उन्होंने कहा, "वायरस देश में प्रवेश कर गया है, लिहाजा लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। यह समुदाय के बीच, स्कूलों में या बस्तियों में प्रवेश कर सकता है।"
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में आंतरिक औषधि विभाग में वरिष्ठ कंसल्टैंट एस.चटर्जी ने गुलेरिया से सहमति जताई है। उन्होंने कहा है कि इस बात की संभावना है कि ठंड के दिनों में वायरस खतरनाक रूप ले सकता है।
उन्होंने कहा, "सर्वोत्तम उपाय यह है कि सावधानी बरती जाए और फ्लू का तत्काल परीक्षण कराया जाए।"
चटर्जी के अनुसार, चूंकि मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना है, लिहाजा सरकार को फ्लू के इलाज के लिए निजी अस्पतालों को भी निर्धारित करना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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