जम्मू एवं कश्मीर में विधानपरिषद खत्म करने की मांग
इस संबंध में एनपीपी विधायक दल के नेता हर्षदेव सिंह ने विधानसभा में एक विधेयक पेश किया। विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। सात अगस्त को विधानसभा की अगली बैठक होनी है।
सिंह ने कहा कि विधानसभा सचिवालय ने इस विधेयक को स्वीकार कर लिया है और इसे प्राइवेट मेंबर बिल की तर्ज पर विधानसभा की कार्यसूची में शामिल किया गया है।
सिंह ने एक बयान में कहा, "देश भर में विधानपरिषदों की निर्थकता को स्वीकार किया गया है। 24 राज्य पहले ही इसे खत्म कर चुके हैं।"
जम्मू एवं कश्मीर को यह सोचना चाहिए कि विधानपरिषद ने अपनी महत्ता खो दी है। लोकतंत्र में यह सिर्फ सफेद हाथी बनकर रह गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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