विधायिका में अनुसूचित जाति व जनजाति के आरक्षण को फिर मिली संसद की मंजूरी
कानून मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया। इस पर मत विभाजन में सदन में मौजूदा 385 सांसदों ने हिस्सा लिया। विधेयक के पक्ष में 384 मत पड़े जबकि विरोध में सिर्फ एक वोट पड़ा।
विधेयक पर सरकार का पक्ष रखते हुए मोइली ने कहा, "यदि सभी राजनीतिक दल यह संकल्प ले लें कि उनकी राजनीति समेकित हो न कि विघटनकारी, तो अगले 10 सालों से भी कम समय में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग मुख्यधारा में शामिल होने में समर्थ हो सकेगा।"
उन्होंने सदन को जानकारी दी कि लोकसभा की 543 सीटों में से 79 सीटें और देश भर की कुल 3,961 विधानसभा सीटों में से 543 सीटें अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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