पाकिस्तान नेशनल असेंबली में घरेलू हिंसा के खिलाफ विधेयक पारित
घरेलू हिंसा निरोधक विधेयक, 2008 का समर्थन करते हुए सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रही पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की सदस्य यास्मीन रहमान ने जोर दिया कि घरेलू हिंसा से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए संस्थागत उपाय आवश्यक हैं।
विधेयक के प्रावधानों के तहत पीड़ितों के संरक्षण के लिए उपजिला स्तर पर संरक्षण समितियों का गठन होगा, इनमें पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा।
संरक्षण समितियां न केवल महिलाओं में उनके अधिकारों के लिए जागरूकता पैदा करेंगी वरन उन्हें कानूनी संरक्षण और चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराएंगी।
विधेयक के अनुसार न्यायालय सुनवाई के किसी भी स्तर पर आरोपी को पीड़ित को अपने खर्चो को पूरा करने के लिए मुआवजा देने का आदेश दे सकता है।
विधेयक के अनुसार घरेलू हिंसा को दोहराने पर आरोपी को एक वर्ष की कैद की सजा और 200,000 रुपये के जुर्माने की सजा हो सकती है।
यदि किसी महिला ने गलत शिकायत दर्ज कराई तो न्यायालय में इसके सिद्ध होने पर छह महीने की कैद की सजा और 50,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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