लंदन में पूर्वी यूरोपीय लोगों को किराए के मकान देने में भेदभाव (लीड-1)
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी इंग्लैंड के तटीय कस्बे बोस्टन में आवासीय एजेंट विदेशी कामगारों को किराए के आवासों को देखने से रोकने के लिए अवैध हथकंडे अपनाते पाए गए हैं।
एक बिचौलिया फर्म ने एक पोलिश कामगार से कहा कि विज्ञापन में प्रकाशित घर किराए पर उठ चुका है, जबकि बाद में वही घर बीबीसी टेलीविजन न्यूज के एक कर्मचारी को दिखाया गया।
ब्रिटेन में नस्ल, धर्म, रंग, राष्ट्र और जातीय आधार पर भेदभाव गैरकानूनी है।
मानवाधिकार वकीलों ने कहा है कि 'रेस रिलेशन एक्ट,1976' का उल्लंघन करने वाला यह व्यवहार सकते में डालने वाला और परेशान करने वाला है।
वकीलों का कहना है कि मकान मालिकों को इस गैरकानूनी मांग को तत्काल हटा लेना चाहिए।
पुरस्कार विजेता मानवाधिकार वकील लुई क्रिश्चियन ने बीबीसी से कहा, "आज के समय में जरूरतमंद लोगों को राष्ट्रीयता और नस्ल के आधार आवास नहीं देने से मैं भयभीत हूं। घर एक ऐसी चीज है जिसकी हर किसी को जरूरत है।"
उल्लेखनीय है कि भारत में भी इस प्रकार के भेदभाव की शिकायतें सामने आती रहीं हैं। पिछले सप्ताह ही बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी ने आरोप लगाया था कि मुसलमान होने के कारण एक हाउसिंग सोसायटी ने उन्हें एक फ्लैट खरीदने से रोक दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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