नेपाल में माओवादियों ने प्रधानमंत्री की अपील ठुकराई

माओवादी सांसद और संसद में पार्टी के उप प्रमुख नारायण काजी श्रेष्ठ प्रकाश ने 24 संसदीय पार्टियों की मंगलवार को आयोजित एक बैठक के विफल होने के बाद मीडिया को बताया, "हम प्रधानमंत्री की अपील को खारिज कर रहे हैं, क्योंकि सरकार हमारी मांगों के प्रति गंभीर नहीं है।"

माओवादियों ने घोषणा की है कि अपने द्विस्तरीय विरोध प्रदर्शन के हिस्से के रूप में वे शुक्रवार से संसद की कार्यवाही में व्यवधान डालेंगे।

इसके साथ ही वे आमसभा आयोजित करेंगे, मशाल जुलूस निकालेंगे और धरना देंगे।

इसके बाद 27 अगस्त से नेपाल के प्रथम राष्ट्रपति राम बरन यादव के खिलाफ आंदोलन शुरू होगा। माओवादी अपनी आठ माह पुरानी सरकार के पतन के लिए यादव को जिम्मेदार ठहराते हैं।

माओवादियों ने उन सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों के बहिष्कार की घोषणा की है, जिसमें राष्ट्रपति हिस्सा लेंगे। माओवादी उन्हें काला झंडा भी दिखाएंगे।

माओवादियों ने प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ भी कुछ इसी तरह का व्यवहार करने की चेतावनी दी है।

पूर्व विद्रोही, वर्तमान गठबंधन सरकार को भंग कर, अपने नेतृत्व में एक राष्ट्रीय सरकार के गठन की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार 48 घंटों के भीतर समस्या का समाधान नहीं निकाल पाई तो माओवादी संसद की घेरेबंदी शुरू कर देंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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