'खबर लहरिया' को संयुक्त राष्ट्र का साक्षरता पुरस्कार (लीड-1)

उत्तर प्रदेश में 20,000 से अधिक पाठकों के बीच पहुंचने वाला यह साप्ताहिक समाचार पत्र (खबर लहरिया) पिछड़े वर्ग की नवसाक्षर महिलाओं द्वारा प्रकाशित किया जाता है। इस समाचार पत्र की शुरुआत नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश में काम करने वाली एक संस्था 'निरंतर' ने की थी।

'खबर लहरिया' सहित दुनियाभर से चार पाक्षिक समाचार पत्रों को वर्ष 2009 के 'किंग सिजोंग साक्षारता पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट और बांदा जिले में 'खबर लहरिया' महिलाओं को पत्रकारिता का भी प्रशिक्षण देता है।

दक्षिण कोरिया ने वर्ष 1989 में यूनेस्को में 'किंग सिजोंग साक्षरता पुरस्कार' की शुरुआत की थी। इस पुरस्कार के तहत प्रत्येक विजेता को 20,000 डॉलर की राशि प्रदान की जाती है।

'खबर लहरिया' सहित चारों विजेताओं को 'किंग सिजोंग साक्षारता पुरस्कार' आठ सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर पेरिस स्थित यूनेस्को के मुख्यालय में प्रदान किया जाएगा।

खबर लहरिया में राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन से जुड़ी खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

संस्था की वेबसाइट के अनुसार इस समाचार पत्र की शुरुआत मई 2002 में चित्रकूट से हुई थी और अक्टूबर 2006 में पड़ोस के बांदा जिले में इसके दूसरे संस्करण की शुरुआत की गई थी। बुंदेलखंडी पाठकों के लिए इसे स्थानीय बुंदेलखंडी बोली में प्रकाशित किया जाता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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