एसोचैम ने की रियल्टी उद्योग में पारदर्शिता की वकालत
एस्क्रो अकाउंट की मदद से संपत्ति के खरीददारों को लाभ पहुंचता है। इसके तहत खरीददार एस्क्रो अकाउंट में अपनी संपत्ति के बदले भुगतान करता है और जब उसे संपत्ति पर कब्जा मिल जाता है तब यह पैसा रियल एस्टेट कंपनी के खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
सरकार को सौंपे अपने सुझाव के बारे में एसोचैम के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने कहा, "इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि परियोजना के लिए मंजूर ऋण रियल एस्टेट कंपनी उसी परियोजना में लगाएगी।"
औद्योगिक संगठन ने कहा कि इस अकाउंट का इस्तेमाल संपत्ति शुल्क, बीमा देनदारियों और रख-रखाव शुल्क के भुगतान के लिए भी किया जा सकता है।
जिंदल ने कहा, "रियल एस्टेट सेक्टर के विकास में अविश्वास की भावना सबसे बड़ी बाधा है।"
उनके मुताबिक अविश्वास से उपभोक्ताओं का विश्वास कमजोर पड़ता है और वे खरीददारी का फैसला लेने में देरी करते हैं।
उन्होंने कहा, "ऐसे में रियल एस्टेट सेक्टर के नियमन के लिए एक प्रभावी नियामक संस्था की जरूरत है ताकि वह अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा कर सकें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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