स्वाइन फ्लू को लेकर निजी अस्पतालों के लिए नया दिशा-निर्देश जारी होगा
आजाद ने एक निजी टेलीविजन चैनल से बातचीत में कहा, "स्वाइन फ्लू से पुणे में जिस 14 वर्षीय बच्ची की मौत हुई है उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि उसका उचित उपचार हुआ लेकिन बहुत देरी हो चुकी थी।"
उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय इस बारे में निजी अस्पतालों के लिए आज ही दिशा-निर्देश जारी करेगा।
उन्होंने कहा, "जब किसी में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे अस्पताल में भर्ती कराना और अलग-थलग रखना आवश्यक होता है। बहुत लोग इसे पसंद नहीं करते। हमने विशेषज्ञों और डॉक्टरों से इस बारे में बात की है। हम आज ही इस बारे में दिशा-निर्देश जारी करने जा रहे हैं कि मरीजों को पहले उदाहरण में अलग-थलग रखना आवश्यक नहीं है।"
उन्होंने कहा, "ऐसे लोगों का पहले परीक्षण किया जाए और यदि पाया जाए कि वह स्वाइन फ्लू का शिकार हुआ हैं तभी उसे अस्पताल में दाखिल कराना चाहिए और उसकी चिकित्सीय निगरानी की जानी चाहिए। इससे लोग भी राहत महसूस करेंगे।"
आजाद ने कहा, "देश के किसी भी सरकारी या गैरसरकारी अस्पताल के पास स्वाइन फ्लू के वाइरसों की जांच के लिए प्रयोगशाला नहीं है। देश में सिर्फ 18 प्रयोगशालाएं ऐसी है जहां इसकी जांच की जा सकती है। अब हम यह दिशा निर्देश जारी करेंगे कि कुछ स्थापित निजी अस्पताल संदिग्ध मरीज के नमूने को प्रयोगशालाओं में भेज सके।"
उन्होंने कहा, "हम 24 घंटे के अंदर नमूने की जांच का परिणाम देना सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान मरीज को या तो घर में या फिर अस्पताल में रखा जा सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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