भारत, सिंगापुर की पर्यटन बढ़ाने की संयुक्त योजना
योजना के अनुसार सिंगापुर का दौरा करने वाले पर्यटकों को उनके यात्रा कार्यक्रम के दौरान भारत में चार-पांच दिन के प्रवास का विकल्प भी दिया जाएगा। इससे उनकी छुट्टियों की विविधता बढ़ेगी।
सिंगापुर पर्यटन बोर्ड के लारेंस लियोंग यू खेओंग ने खुलासा किया कि पर्यटकों में किसी स्थान पर कम समय तक ठहरने और अधिक से अधिक घूमने का नया रुझान पैदा हो रहा है। दोनों देशों के समीप आने से पर्यटकों की ये आवश्यकताएं पूरी हो सकती है।
उन्होंने कहा, "भारत में पर्यटन स्थलों में विविधता है और हमारे यहां पर्यटक भारी संख्या में आते हैं। पिछले वर्ष सिंगापुर में एक करोड़ पर्यटक आए थे। अधिकांश पर्यटक सिंगापुर में पूरे समय तक ठहरना नहीं चाहते थे और कहीं अन्य जाना चाहते थे।"
खेओंग ने कहा कि यदि उन्हें भारत में चार-पांच दिन ठहरने का विकल्प दिया जाए तो यह उनको आकर्षित करेगा। उदाहरण के लिए भारत के बौद्ध पर्यटन स्थलों के लिए दक्षिण पूर्व एशिया में काफी रुचि है।
उन्होंने कहा कि केवल सिंगापुर आने वाले ही नहीं वरन सिंगापुर के स्थानीय लोग भी भारत में चार-पांच दिन ठहरने की योजना का लाभ उठा सकते हैं।
दोनों देश संयुक्त रूप से इस योजना को बढ़ावा देने का काम करेंगे।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री कुमारी शैलजा ने कहा कि दोनों देश आगे भी सहयोग करेंगे। इससे समुद्री पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि अब होटल और सेवा क्षेत्र में देश में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति दी जा रही और उम्मीद है कि सिंगापुर भारत में निवेश करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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