ईरान: मुक़दमों में अत्याचार का आरोप

Musavi Khatmi

ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में हारने वाले मीर हुसैन मुसावी का कहना है कि विपक्ष के जिन लोगों के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाया जा रहा है उन्हें प्रताड़ित किया गया है. उन्होंने शनिवार को शुरु हुए मुकदमों की आलोचना की और उन्हें फ़र्ज़ी बताया. उनका कहना था कि क़ैदियों से ज़बरदस्ती बातें कबूल करवाई गई हैं.

इससे पहले ईरान के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी ने कहा था कि इन मुकदमों से प्रशासन को ही नुकसान पहुँचेगा. उन्होंने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि वे उम्मीद करते हैं कि मुक़दमों में असली अपराधों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा. वे 1997 से 2005 तक राष्ट्रपति रहे हैं. 100 से ज़्यादा लोगों के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाया जा रहा है और उन पर साज़िश रचने और हिंसा करने समेत कई आरोप लगाए गए हैं.

विरोध प्रदर्शन

इन लोगों को 12 जून को हुए विवादित राष्ट्रपति चुनावों के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया था. इनमें कई सुधारवादी नेता शामिल है. ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली ख़मेनेई सोमवार को आधिकारिक रूप से महमूद अहमदीनेजाद को राष्ट्रपति चुनाव के विजेता के तौर पर मंज़ूरी देंगे. अहमदीनेजाद बुधवार को शपथ लेंगे.

शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान अभियुक्त क़ैदियों की वर्दी में आए थे. समाचार एजेंसी के मुताबिक इनमें पूर्व उप विदेश मंत्री मोहसेन अमीनज़ादेह, पूर्व सरकारी प्रवक्ता अब्दुल्ला रमाज़ानज़ादेह समेत कई लोग शामिल हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन मुक़दमों के समय को लेकर लोग काफ़ी हैरान हैं और इससे लगता है कि प्रशासन ये संकेत देना चाहता है कि और प्रदर्शन बंद किए जाएँ. राष्ट्रपति चुनाव के बाद हुई हिंसा के बाद से बीबीसी समेत विदेशी मीडिया पर कई तरह की पाबंदियाँ लगा दी गई हैं. विपक्ष का आरोप है कि चुनाव के दौरान धाँधली हुई है. वर्ष 1979 की क्रांति के बाद से इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में ईरान में सबसे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

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