लोकसभा में फिर न हो सकी मंहगाई पर चर्चा
आम उपभोक्ता वस्तुओं के मूल्य जहां आसमान छू रहे हैं और इसकी मार से आम आदमी त्राहि-त्राहि कर रहा है वहीं देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी लोकसभा में राजनीतिक दलों के लिए जनहित से जुड़ा इस समय का सबसे बड़ा यह मुद्दा कोई मायने नहीं रखता।
लोकसभा में सोमवार को भी महंगाई पर चर्चा होनी थी लेकिन वह नहीं हो सकी। बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के गठन और रिलायंस गैस विवाद के कारण महंगाई का मुद्दा हंगामे की भेंट चढ़ गया।
इससे पहले पिछले बुधवार को भी महंगाई के विषय पर लोकसभा में ही चर्चा होनी थी लेकिन उस दिन भी रिलायंस गैस का मुद्दा आ जाने के बाद सदस्यों द्वारा किए गए हंगामे के कारण इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा नहीं हो सकी थी।
महंगाई पर चर्चा न हो पाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये को जिम्मेदार ठहराया। लोकसभा में पार्टी की उपनेता सुषमा स्वराज ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे के बाद जब स्थगित हुई उस वक्त बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य बुंदेलखंड के मसले पर सरकार से स्पष्टीकरण मांग रहे थे। लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से किसी ने स्पष्टीकरण नहीं दिया जबकि इसी मुद्दे पर सरकार राज्यसभा में स्पष्टीकरण दे चुकी थी।"
उन्होंने कहा, "सरकार के अड़ियल रवैये के कारण ही आज महंगाई पर चर्चा नहीं हो सकी जबकि आम आदमी आज महंगाई की मार से त्राहि-त्राहि कर रहा है।"
कांग्रेस सांसद संजय निरुपम ने एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में कहा, "सरकार महंगाई पर चर्चा कराना चाहती थी लेकिन विपक्षी सदस्यों द्वारा हंगामा जारी रखने के कारण चर्चा नहीं हो सकी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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