रिलायंस गैस पर देवड़ा ने दी सफाई, मुलायम ने लगाया आरोप, अनिल ने किया स्वागत (राउंडअप)
देवड़ा ने सोमवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि इस विवाद से सरकार का कोई लेना देना नहीं है लेकिन गैस के बंटवारे में सरकार सार्वजनिक हितों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी ने दादरी संयंत्र के लिए प्रतिदिन 4.5 लाख घन मीटर गैस आवंटित की थी।
उन्होंने कहा कि उत्तरी राज्य में स्थित 15 में से पांच यूरिया संयंत्रों को कृष्णा-गोदावरी बेसिन से गैस की आपूर्ति की जा रही है।
अनिल अंबानी की कंपनी के बारे में देवड़ा ने कहा कि मामला वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के नेतृत्व वाले मंत्रियों के एक अधिकार प्राप्त समूह के पास विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि वैसे भी अनिल अंबानी की कंपनी का संयंत्र न तो स्थापित हुआ है और न ही काम कर रहा है।
उन्होंने कहा, "सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है। हम दादरी संयंत्र को उपलब्धता के आधार पर गैस की आपूर्ति करेंगे और दादरी संयंत्र के साथ वैसा ही व्यवहार किया जाएगा जैसा उस परिस्थिति में स्थापित अन्य संयंत्रों के साथ।"
देवड़ा ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज एक अप्रैल से कृष्णा-गोदावरी बेसिन से प्रति दिन 3.1 करोड़ यूनिट गैस का उत्पादन कर रही है और एक साल के भीतर यह क्षमता बढ़कर 8.1 करोड़ यूनिट हो जाएगी।
पेट्रोलियम मंत्री के इस बयान से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया और सदन की कार्यवाही बाधित की।
सपा नेता मुलायमसिंह यादव ने देवड़ा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि अंबानी बंधुओं के बीच जारी गैस विवाद में देवड़ा एक पक्ष को 15 हजार करोड़ रुपये का लाभ पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा, "यह वह मंत्री हैं जो पैसा बना रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्री को निश्चित तौर पर इस्तीफा देना चाहिए। वह भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।" इस मुद्दे पर भारी हंगामे के कारण सदन की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी।
मुलायम ने आरोप लगाया कि सरकार रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज की दादरी बिजली परियोजना के लिए गैस नहीं देकर उत्तर प्रदेश के साथ भेदभाव कर रही है।
देवड़ा के बयान पर यादव ने कहा, "पूरे बयान में मंत्री मुख्य मुद्दे को छिपाने की कोशिश करते रहे हैं।"
यादव ने कहा, "वह एक पक्ष को 15 हजार करोड़ रुपये का लाभ पहुंचा रहे हैं।"
यादव ने जब यह आरोप लगाया तब देवड़ा सदन में मौजूद थे। लोकसभा की कार्यवाही का संचालन कर रहे उपाध्यक्ष करिया मुंडा के इस मुद्दे पर आगे बोलने की अनुमति नहीं देने के कारण यादव अपनी पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ सदन से बहिर्गमन कर गए।
उधर, उद्योगपति अनिल अंबानी ने देवड़ा के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि कृष्णा-गोदावरी बेसिन से रिलायंस इंडस्ट्री गैस का उत्पादन स्तर कम बनाए हुए है। अंबानी ने कहा कि वह सरकार के रुख से खुश है।
अनिल ने कहा, "मैं माननीय पेट्रोलियम मंत्री के संसद में दिए बयान का स्वागत करता हूं, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश के दादरी में धीरूभाई अंबानी एनर्जी सिटी में रिलायंस पावर की प्रस्तावित परियोजना के लिए गैस उपलब्ध कराने की बात कही है।"
उन्होंने कहा, "जैसा कि मंत्री ने कहा कि दादरी परियोजना का निर्माण नहीं हुआ है और न ही वह संचालित हो रही है, तो मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह स्थिति रिलायंस इंडस्ट्री ने पैदा की है। वह समझौते के मुताबिक रिलायंस नेचुरल र्सिोसेज और एनटीपीसी को भंडारण करने लायक गैस की आपूर्ति करने से इंकार करती रही है।"
अनिल ने कहा कि मुरली देवड़ा के बयान से भी कुछ चिंताएं पैदा होती है। विशेषकर कृष्णा-गोदावरी से उत्पादित गैस के स्तर को लेकर, जिसको लेकर रिलायंस रिसोर्सेज रिलायंस इंडस्ट्री के साथ कानूनी जंग लड़ रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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