सर्वोच्च न्यायालय का महाराष्ट्र के राज्यसभा उपचुनाव में हस्तक्षेप से इंकार
न्यायमूर्ति एच.एस.बेदी और न्यायमूर्ति जे.एम.पांचाल की खंडपीठ ने इस कानूनी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाने और चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिए जाने के बाद संविधान अदालतों को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप से रोकता है।
ज्ञात हो कि चुनाव आयोग ने राज्यसभा सदस्यों सुप्रिया सुले, सुशील कुमार शिंदे और प्रफुल्ल पटेल के लोकसभा के लिए निर्वाचित हो जाने के बाद खाली हुई इन सीटों के लिए 23 जुलाई को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी थी।
शिवसेना से जुड़े सुरेश राहुल नावरेकर ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि अलग-अलग मत पत्रों के जरिए चुनाव कराने का निर्णय संविधान के अनुच्छेद 84 का उल्लंघन है।
नावरेकर की ओर से अदालत में प्रस्तुत हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने खंडपीठ से कहा कि इस याचिका के जरिए एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न खड़ा किया गया है, लिहाजा इसे एक जनहित याचिका में बदलने की जरूरत है।
लेकिन खंडपीठ ने साल्वे की अपील को ठुकराते हुए कहा कि इसके लिए याची को प्रधान न्यायाधीश से संपर्क करना होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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