नेपाल सरकार को माओवादियों का 72 घंटे का अल्टीमेटम
सुदेशना सरकार
काठमांडू, 3 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल की एकीकृत नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने 72घंटों में गठबंधन सरकार भंग नहीं की तो उसके खिलाफ संसद से सड़क तक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
माओवादी नेता और पूर्व वित्त मंत्री बाबुराम भट्टाराई का कहना है, "वर्तमान सरकार असंवैधानिक और अवैध है।" भट्टाराई अपनी पार्टी के दो वरिष्ठ सदस्यों के साथ मिलकर वर्तमान सरकार के खिलाफ नया आंदोलन छेड़ेंगे।
भट्टाराई ने आईएएनएस को बताया, "मौजूदा सरकार का गठन सेना की छत्रछाया में राष्ट्रपति राम बरन यादव द्वारा उठाए गए सेना प्रमुख की पद बहाली के असंवैधानिक कदम के बाद हुआ था।" यादव को पूर्व माओवादी सरकार ने बर्खास्त कर दिया था।
उन्होंने कहा, "हमने नेपाल सरकार को सेना पर नागरिक श्रेष्ठता स्थापित करने के लिए महीने भर का समय दिया था। यदि हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो हम एक नया विरोधी आंदोलन शुरू करेंगे।" यह समयावधि बुधवार को खत्म हो रही है।
भट्टाराई ने कहा कि सेना पर नागरिक श्रेष्ठता साबित करने का अर्थ है वर्तमान असंवैधानिक सरकार को जल्द से जल्द भंग कर दिया जाएगा और माओवादियों के नेतृत्व में नई सरकार का गठन होगा।
इस आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। बुधवार तक मांगें पूरी नहीं होने पर यह समिति रैलियों और हड़तालों का आयोजन कर विरोध प्रदर्शन करेगी। माओवादी एक बार से फिर संसद की घेराबंदी करने की भी योजना बना रहे हैं।
इसी मसले पर माओवादी पहले भी दो महीने तक संसद की कार्यवाही में बाधा पहुंचा चुके हैं।
भट्टाराई ने कहा, "हम संसद की कार्यवाही चलने देंगे ताकि बजट पारित हो सके। इस सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है।"
माओवादियों ने यह धमकी उस समय दी है जब नेपाल 18 अगस्त से भारत यात्रा पर जाने वाले हैं।
अगर माओवादी अपनी धमकी को अमल में ले आए तो नेपाल की भारत यात्रा और मई 2010 तक नए संविधान का मसौदा तैयार करने का कार्य दोनों ही खटाई में पड़ सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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