बच्चे की परवरिश में पिता की भागीदारी जरूरी
येल स्कूल ऑफ मेडिसीन (वाईएसएम) ने बच्चों की स्वस्थ परवरिश को लेकर एक अध्ययन किया, जिसमें पता चला कि जब माता-पिता अपने बच्चे के साथ 16 महीने तक रहते हैं तो बच्चे में आगे चलकर उदासी या अवसाद का शिकार होने की संभावना कम हो जाती है।
वाईएसएम के प्रोफेसर और प्रमुख शोधकर्ता कैली प्रूटी ने कहा कि आजकल बच्चों की परवरिश में माता ही अधिक ध्यान दे रही हैं, जबकि पिता इससे दूर ही रहते हैं। उन्होंने कहा, "शोध परिणामों के अनुसार बच्चे के लिए स्वस्थ वातावरण विकसित हो इसके लिए माता-पिता को उनके साथ रहना चाहिए। "
इससे पूर्व किए गए अध्ययन में कहा गया था कि जिस बच्चे की परवरिश में पिता शामिल नहीं होते हैं, ऐसे बच्चों के मादक पदार्थो की लत और मानसिक समस्या का शिकार होने की आशंका अधिक होती है।
अमेरिका में हाल में हुई जनगणना के आंकड़ों के अनुसार यहां हर तीन में से एक बच्चे की परवरिश पिता के अभाव में होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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