बिहार में बाढ़ से हजारों लोग बेघर
एक बाढ़ पीड़ित ग्रामीण ने आईएएनएस को फोन पर बताया, "हम भूखे हैं। हमारे बच्चे भोजन और दूध के लिए रो रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से हमें कुछ नहीं मिल रहा है। तटबंध को टूटे 24 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है। "
सीतामढ़ी जिले के एक अधिकारी ने बताया कि एक लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बात की आशंका है कि कई और गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) का एक दल रविवार सुबह से राहत कार्यो में जुट गया है।
अधिकारी ने कहा कि एनडीआरएफ का दल शनिवार शाम ही यहां पहुंच गया था लेकिन अंधेरे की वजह से राहत कार्य शुरू नहीं हो सका था। बाढ़ की चपेट में आने से लगभग छह लोगों के डूबने की आशंका व्यक्त की जा रही है लेकिन जिला अधिकारी ने केवल एक महिला की मौत की पुष्टि की है।
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुछ ही दिनों में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।
नीतीश कुमार ने शनिवार को वहां एक उच्च स्तरीय जांच दल को भेजने का निर्देश दिया था। जांच दल में जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव, दोनों विभागों के मंत्री तथा राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) के पदाधिकारी शामिल किए गए हैं।
इधर, मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड में लखनदेई नदी के तटबंध में दरार आ गई है, जिससे मोहनपुर, शहनौली, डुमरी, खंगूरा, धोबौली बकुची आदि गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। जिलाधिकारी विपिन कुमार ने शनिवार को बताया था कि बकुची कृषि फॉर्म के समीप तटबंध में दरार की मरम्मत कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि बिहार में गत वर्ष कोसी में आई प्रलयंकारी बाढ़ में 30 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए थे और सैंकड़ों लोगों की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications