सरबजोत के घर से हथियार बरामद, बूटा सिंह से भी पूछताछ संभव (राउंडअप)
उधर, अपने आवास पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बूटा सिंह ने शनिवार को स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति / जनजाति आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं देंगे और अपने पुत्र सरबजोत उर्फ स्वीटी सिंह के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
बूटा सिंह ने जोर दिया कि ये आरोप उनके और उनके परिवार के खिलाफ एक षडयंत्र हैं। उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित तथ्यों को बताने के लिए वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलेंगे।
बूटा सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "मैं एक संवैधानिक संस्था का अध्यक्ष हूं। मैं क्यों इस्तीफा दूंगा..मुझे नहीं पता उनके (मामले के दूसरे आरोपियों) और मेरे बेटे के बीच क्या हुआ। मेरे बेटे ने दबाव में यह स्वीकार किया होगा।"
उन्होंने जोर देकर कहा है कि रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार उनका पुत्र बेकसूर है। उन्होंने कहा कि वह सीबीआई के सवालों का जवाब देने को तैयार हैं क्योंकि वह अपने पुत्र सरबजोत सिंह उर्फ स्वीटी सिंह की गतिविधियों से अवगत हैं।
संवाददाताओं के यह पूछने पर कि क्या वह अब भी सोचते हैं कि उनका पुत्र निर्दोष है, बूटा सिंह ने कहा हर हाल में।
स्वीटी सिंह के आवास पर पिस्तौले मिलने के बारे में बूटा सिंह ने कहा, "उनके लाइसेंस थे और सिर्फ स्वीटी ही जानते हैं वे कहां हैं।"
बूटा सिंह ने कहा, "मैं हटूंगा नहीं। आयोग न्यायालय में यह शिकायत करेगा कि उसके कामकाज में हस्तक्षेप किया जा रहा है। सीबीआई आयोग की नहीं, एक आरोपी की शिकायत पर कार्य कर रही है।"
इसी बीच सीबीआई के एक अधिकारी ने मुंबई में कहा था स्वीटी सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बूटा सिंह से भी पूछताछ की जा सकती है। उनका पुत्र कथित तौर पर रिश्वतकांड में शामिल होने की बात कबूल कर चुका है।
एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने के अनुरोध पर बताया, "हम बूटा सिंह और उन सब लोगों से पूछताछ करेंगे जिनके नाम शिकायत में दर्ज हैं।" स्वीटी सिंह ने कथित तौर पर कहा है कि बूटा सिंह को उसके रिश्वत लेने की जानकारी थी।
सीबीआई अधिकारियों ने स्वीटी सिंह के नई दिल्ली स्थित आवास की तलाशी में कथित तौर पर तीन गैर लाइसेंसी पिस्तौलें और 38 कारतूस बरामद होने के बाद कही है। दक्षिणी दिल्ली के निजामुद्दीन थाने में स्वीटी सिंह के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।
स्वीटी सिंह के अलावा तीन व्यक्तियों-अनूप बेदी, दुखसिंह चौहान और मदन सोलंकी को सत्र न्यायाधीश एस.पी.एच. नागरकर की अदालत में पेश किया गया। उन सभी को पांच अगस्त तक की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
उल्लेखनीय है कि बूटा सिंह के पुत्र स्वीटी सिंह को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था और मुंबई की एक अदालत ने उसे पांच अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। उसे नासिक के एक ठेकेदार रामराज पाटिल से कथित रूप से एक करोड़ की रिश्वत लेते समय पकड़ा गया था।
बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दावा किया कि स्वीटी ने स्वीकार किया कि उसके पिता बूटा सिंह पाटिल से घूस लेने बारे में जानते थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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