पनक्कड़ थंगल के निधन पर केरल में शोक (लीड-1)
मलप्पुरम टाउन हाल और थंगल के आवास पर हजारों लोगों ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मल्लपुरम के निकट एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने के बाद थंगल का शनिवार को निधन हो गया था। वह 73 वर्ष के थे। वह एक इस्लामिक विद्वान भी थे।
उनके परिवार में उनकी दूसरी पत्नी आयशा बीवी, दो बेटे और तीन बेटियां हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद केंद्र सरकार की ओर अंतिम संस्कार के समय मौजूद थे। अंतिम संस्कार पन्नकड़ जुमा मस्जिद में आयोजित किया गया।
इसके पहले केरल के मुख्यमंत्री वी.एस.अच्युतानंदन, गृह मंत्री कोदियेरी बालाकृष्णन और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने टाउन हाल में दिवंगत नेता को अपनी श्रद्धांजलि दी थी।
केंद्रीय मंत्रियों में प्रवासी मामलों के मंत्री व्यालार रवि, रेल राज्य मंत्री ई. अहमद ने भी थंगल को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी थंगल को अपनी श्रद्धाजलि अर्पित की।
अपने शोक संदेश में राष्ट्रपति ने कहा, "थंगल एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता थे जिन्होंने सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय रुचि ली थी। उनके निधन से राष्ट्र ने एक प्रमुख जन सेवक खो दिया है।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने संदेश में कहा, "धार्मिक नेता थंगल के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। वह केरल के महत्वपूर्ण नेताओं में थे। वह राष्ट्रवादी थे और धर्मनिरपेक्षता उनके रग-रग में बसी थी।"
थंगल का जन्म 4 मई 1936 में हुआ था। वह पनक्कड़ पूकोया थंगल के सबसे बड़े बेटे थे। यह परिवार खुद को पैगंबर मोहम्मद का वंशज होने का दावा करता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications