आतंकियों की समर्थक है पाकिस्तानी सेना : ब्रिटिश सांसद
लंदन, 2 अगस्त (आईएएनएस)। ब्रिटिश सांसदों के एक ताकतवर संगठन ने रविवार को इस बात पर चिंता जताई है कि पाकिस्तानी सेना और खुफिया विभाग के लोग इस्लामी आतंकियों से लड़ने के लिए अपनी सरकार के विचार के साथ सहमति नहीं रखते और वे लगातार भारत के पीछे पड़े हुए हैं।
ब्रिटिश संसद की विदेशी मामलों की समिति द्वारा जाहिर की गई इस चिंता का पूर्व विदेश मंत्री लार्ड मार्क मैलोक-ब्राउन ने समर्थन किया है।
रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में विदेशी मामलों की समिति ने यह भी कहा है कि जहां पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने आतंकवाद को अपने देश का सबसे बड़ा दुश्मन बताया है, वहीं पाकिस्तानी सेना का एक बड़ा हिस्सा लगातार भारत को अपने लिए खतरा मानता है।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान पर जारी इस रिपोर्ट में पाकिस्तानी सरकार द्वारा आतंकवाद के सफाए के लिए उठाए गए कुछ महत्वपूर्ण कदमों की सराहना की है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "पाकिस्तानी सेना में वरिष्ठ स्तरों पर आतंकवाद के खिलाफ सख्त दृष्टिकोण अपनाए जाने की जरूरत महसूस किए जाने का हम स्वागत करते हैं लेकिन हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यह दृष्टिकोण सेना और आईएसआई में भी हो इसकी गारंटी नहीं है।"
रिपोर्ट में जरदारी की हाल की उन टिप्पणियों का स्वागत किया गया है, जिसमें उन्होंने भारत के बदले आतंकवाद को अपने देश के लिए खतरा बताया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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