बिहार में तटबंध टूटने पर विपक्ष ने सरकार को घेरा
तटबंध टूटने से लगभग 200 गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता जयप्रकाश यादव ने कहा, "सरकार की अनदेखी के कारण बागमती नदी का तटबंध टूटा है। इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। "
यादव ने कहा, "मुझे पता नहीं चल रहा है कि आखिर शुक्रवार तक राज्य सरकार यह क्यों कह रही थी कि बागमती तटबंध सुरक्षित है।"
कांग्रेस के बिहार इकाई के अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने भी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला।
दूसरी ओर सीतामढ़ी जिले के एक अधिकारी ने बताया कि एक लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बात की आशंका है कि कई और गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
इस बीच राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) का एक दल रविवार सुबह से राहत कार्यो में जुट गया है।
अधिकारी ने कहा कि एनडीआरएफ का दल शनिवार शाम ही यहां पहुंच गया था लेकिन अंधेरे की वजह से राहत कार्य शुरू नहीं हो सका था। बाढ़ की चपेट में आने से लगभग छह लोगों के डूबने की आशंका व्यक्त की जा रही है लेकिन जिला अधिकारी ने केवल एक महिला की मौत की पुष्टि की है।
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुछ ही दिनों में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।
नीतीश कुमार ने शनिवार को वहां एक उच्च स्तरीय जांच दल को भेजने का निर्देश दिया था। जांच दल में जल संसाधन मंत्री और आपदा प्रबंधन मंत्री के साथ ही दोनों विभागों के प्रधान सचिव तथा राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) के पदाधिकारी शामिल किए गए हैं।
इधर, मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड में लखनदेई नदी के तटबंध में दरार आ गई है, जिससे मोहनपुर, शहनौली, डुमरी, खंगूरा, धोबौली बकुची आदि गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। जिलाधिकारी विपिन कुमार ने शनिवार को बताया था कि बकुची कृषि फॉर्म के समीप तटबंध में दरार की मरम्मत कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि बिहार में गत वर्ष कोसी में आई प्रलयंकारी बाढ़ में 30 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए थे और सैंकड़ों लोगों की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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