हाथ में काम नहीं सिर्फ जॉब कार्ड आया
टीकमगढ़, 2 अगस्त (आईएएनएस)। अपने घर के बाहर खड़ी मुान्नी बाई गांव में अचानक आई भीड़ की वजह जानते ही खाली हाथों को काम मिलने की उम्मीद लगा बैठी है। उसे लगता है कि उसके खाली पड़े जॉब कार्ड में भी कुछ खाने काम के नाम हो जाएंगे और अब रोटी उसके लिए मुश्किल नहीं होगी ।
टीकमगढ़ जिले के बिल्ट गांव की मुान्नी बाई विधवा है और उसके परिवार में पांच सदस्य हैं। उसने केंद्र सरकार की रोजगार गारंटी योजना के तहत जाब कार्ड भी बनवाया है मगर उसे काम एक दिन का भी नहीं मिला है। शनिवार को गांव में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन के आने की खबर मिलते ही मुान्नी बाई जॉब कार्ड लेकर भीड़ में पहुंच गई। उसका जॉब कार्ड खाली पड़ा है और उसके खाने खाली पड़े है क्योंकि उसे एक दिन का काम भी नहीं मिला है।
अचानक गांव पहुंचे मंत्री को मुान्नी बाई जॉब कार्ड दिखाते हुए योजना के हाल की हकीकत को बयां कर देती है। इतना ही नहीं जब जैन गांव में पंचायत लगाकर काम का मस्टर रोल मंगाते हैं तो उसमें एक साल का कोई लेखा-जोखा नहीं मिलता।
यह स्थिति सिर्फ मुान्नी बाई की नहीं है। बुंदेलखंड के बड़े हिस्से में यही हाल है। लोगों के हाथ में जॉब कार्ड तो आ गए हैं मगर काम नहीं मिला है। जैन मुान्नी बाई सहित गांव के लोगों को भरोसा दिलाते हैं कि इस योजना में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। हर हाथ को काम मिले यही केंद्र सरकार का लक्ष्य है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री जैन का काफिला लगभग दो घंटे तक बिल्ट गांव में रहने के बाद आगे चल देता है। मुान्नी बाई फिर सोच में पड़ जाती है कि वह दिन कभी आएगा भी या नहीं जब उसके खाली जॉब कार्ड के खानों में काम दर्ज होगा?
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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