वोट नहीं डाला तो जाना पड़ेगा जेल!

वेतन भी जब्द होगा
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले ने यह गैरसरकारी विधेयक पेश किया। विधेयक में मतदान नहीं करने वालों पर 100 रुपये जुर्माना या एक दिन कैद और उनके राशन कार्ड की जब्त करने का प्रावधान किया गया है। यही नहीं वोट नहीं डालने वाला व्यक्ति छह साल तक किसी भी चुनाव में उम्मीदवार नहीं बन सकेगा।
इस विधेयक के मुताबिक वोट नहीं डालने वाला व्यक्ति अगर सरकारी या किसी सार्वजनिक उपक्रम का कर्मचारी है तो उसका चार दिन का वेतन जब्त हो जाएगा इसके अलावा उसका प्रोमोशन भी एक साल के लिए रोक दिया जाएगा।
वोट डालने वाले को पुरस्कार!
विधेयक में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी या विकलांगता के बावजूद वोट डालने जाएगा तो उसे एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। यही नहीं केन्द्र सरकार के तहत आने वाली सेवाओं तथा उच्च तकनीकी शिक्षा संस्थानों में दाखिले में प्राथमिकता भी दी जाएगी। ये सुविधाएं उन लोगों को भी मिलेंगी जो विधेयक लागू होने के 20 साल पहले से या 10 वर्ष बाद तक लगातार हर चुनाव में मतदान करेंगे।
हालांकि विधेयक में यह भी कहा गया है कि गंभीर बीमारी से ग्रसित या अक्षम लोगों को छूट दी जाएगी, लेकिन उन्हें भी मेडिकल सर्टिफिकेट पेश करना होगा। इसके अलावा जो व्यक्ति मतदान केंद्र तक जाने में अक्षम होंगे उनके लिए मोबाइल बूथ बनाने का प्रस्ताव इस विधेयक में रखा गया है।
क्या है उद्देश्य
इस विधेयक का उद्देश्य केवल चुनाव में मतदान के कम प्रतिशत को बढ़ाना है। मतप्रतिशत बढ़ाने के लिए ऐसे प्रावधान जरूरी हो गए हैं। विधेयक में कहा गया है कि लोकतंत्र के लिए यह जरूरी है कि सही चुनाव नतीजों के आधार पर ही जनप्रतिनिधि चुने जाएं। इससे यह भी पता चलेगा कि आखिर सभी मतदाताओं की इच्छा क्या है। हालांकि फिलहाल अभी तक इस विधेयक का किसी ने विरोध नहीं किया है, लेकिन यह विधेयक सदन में पास हो पाएगा या नहीं इस पर संशय बरकरार है।


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