चिदंबरम ने पश्चिम बंगाल व गुजरात सरकार पर निशाना साधा
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने शनिवार को जहां नक्सलियों के साथ निपटने के पश्चिम बंगाल सरकार के तौर तरीकों की आलोचना की, वहीं उन्होंने इस बात का भी संकेत किया कि गुजरात सरकार द्वारा संगठित अपराध से निपटने के लिए पारित किया गया विवादास्पद विधेयक एक बार फिर खारिज किया जा सकता है।
वाम मोर्चा शासित पश्चिम बंगाल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित गुजरात को आड़े हाथों लेते हुए चिदंबरम ने जम्मू एवं कश्मीर की विभिन्न पार्टियों, खासकर कांग्रेस की पूर्व सहयोगी पीपुल्स डेमोकट्रिक पार्टी (पीडीपी) को नसीहत दी कि सीमावर्ती राज्य में बेकार के विवाद खड़े करने से उन्हें बचना चाहिए और अच्छे प्रशासन के लिए राज्य सरकार के साथ मिल कर काम करना चाहिए।
चिदंबरम ने अपने मासिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "यद्यपि पश्चिम बंगाल सरकार के निवेदन पर लालगढ़ में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती के लगभग सात सप्ताह हो चुके हैं, फिर भी वहां स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का अभी भी वहां प्रभाव क्षेत्र बरकार है और हाल की कुछ हिंसक घटनाओं के पीछे उसकी भूमिका संदिग्ध है।"
चिदंबरम ने कहा, "हमने सभी राज्यों को साफ कह दिया है कि अर्धसैनिक बलों की तैनाती उपलब्ध तो होगी, मगर यह तैनाती अनिश्चित काल के लिए नहीं होगी। राज्य पुलिस को जल्द से जल्द कानून व्यवस्था की स्थिति संभालने की जिम्मेदारी लेनी होगी।"
चिदंबरम ने अपने उस पूर्व टिप्पणी का भी बचाव किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्से मौत के मैदान बन गए हैं।
एक सवाल के जवाब में चिदंबरम ने साफ किया कि वह पिछले सप्ताह गुजरात विधानसभा में पारित गुजरात संगठित अपराध नियंत्रण (गुजकोक) विधेयक को तीसरी बार राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए नहीं भेजना चाहते।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक आतंक निरोधी और सुरक्षा कानूनों के मुद्दे पर संसद की अंतिम और नवीनतम भावना के खिलाफ है।
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए चिदंबरम ने कहा, "जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा में लगाए गए कुछ खास आरोपों के बाद की घटनाओं को लेकर मुझे दुख हुआ था।"
उन्होंने कहा, "गृह मंत्रालय ने सेक्स स्कैंडल से संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक कर दिया है और मैं मानता हूं कि उससे इस विवाद के अंत में मदद मिली है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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