बिहार में बागमती का तटबंध टूटा, 40 गांवों में पानी घुसा (लीड-3)
सीतामढ़ी के जिलाधिकारी विश्वनाथ सिंह के मुताबिक तटबंध टूटने से करीब 40 गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया गया है तथा पानी से घिरे लोगों को बाहर निकालने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में नाव भेजे जा रहे हैं।
इस बीच आपदा प्रबंधन मंत्री देवेश चंद्र ठाकुर ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। प्रभावित या गांव छोड़ चुके लोगों के लिए नाव तथा तिरपाल भेजे गए हैं। इनके खाने के लिए भी खाद्य सामग्री की व्यवस्था की जा रही है।
बाढ़ से प्रभावित करीब 7,000 लोग तटबंधों पर शरण लिये हुए हैं।
उन्होंने कहा कि तटबंध में पानी का बहाव धीरे-धीरे कम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि जहां तटबंध कमजोर हैं वहां निगरानी बढ़ा दी गई है।
इधर, राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तटबंध के टूटने के बाद एक उच्चस्तरीय जांच दल को भेजने का निर्देश जारी किया है।
इस जांच दल में जल संसाधन मंत्री, आपदा प्रबंधन मंत्री के साथ ही दोनों विभागों के प्रधान सचिव तथा राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) के पदाधिकारी को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अधिकारी के मुताबिक यह जांच दल आज ही सीतामढ़ी के रूनीसैदपुर प्रखंड में बागमती नदी के तटबंध की जांच करेगा। उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों में एनडीआरएफ के एक बटालियन को भी भेजा जा रहा है।
पटना बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार शनिवार की सुबह बागमती नदी का तटबंध तिलक ताजपुर गांव के समीप 20 फीट टूट गया जिससे एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि तटबंध के कट जाने के कारण रूनीसैदपुर प्रखंड के 12 गांवों में पानी घुस गया है जबकि कुछ गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है।
इधर, मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड में लखनदेई नदी के तटबंध में दरार पड़ा जिससे मोहनपुर, शहनौली, डुमरी, खंगूरा, धोबौली बकुची आदि गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है।
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि बकुची कृषि फॉर्म के समीप जहां तटबंध पर दरार पड़ा था, वहां तटबंध की मरम्मत कर दी गई है।
नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण बिहार की प्रमुख बागमती तथा कमला नदियों में पानी बढ़ने का सिलसिला जारी है। इस कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है।
बागमती तथा कमला नदी राज्य में कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि अन्य नदियों में पानी सामान्य है। पटना के बाढ़ नियंत्रण कक्ष में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता वीरेन्द्र प्रसाद ने शनिवार को बताया कि बागमती सीतामढ़ी जिले के सोनाखान में खतरे के निशान से एक मीटर जबकि डूबाधार में खतरे के निशान से 1़32 मीटर ऊपर बह रही है।
इधर, कमला बलान नदी झंझारपुर में रेल पुल के पास खतरे के निशान को पार कर गई है तथा यहां वह खतरे के निशान से 1.77 मीटर ऊपर बह रही है।
इधर, वाल्मीकीनगर स्थित बैराज में गंडक का पानी बढ़ने का सिलसिला जारी है। शनिवार को सुबह आठ बजे बैराज के नीचे गंडक का जलस्राव 191200 क्यूसेक था।
बीरपुर बैराज के अधीक्षण अभियंता एम.एफ. हमीद के अनुसार बैराज के नीचे शनिवार को सुबह कोसी का जलस्राव 145800 क्यूसेक था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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