शिक्षा प्रणाली को मुक्त करने की जरूरत : सिब्बल
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) द्वारा यहां बंगाल इंजीनियरिंग एंड साइंस युनिवर्सिटी (बीईएसयू) में आयोजित युनिवर्सिटी-इंडस्ट्री काउंसिल सिंपोजियम में सिब्बल ने कहा, "हमें शिक्षा प्रणाली को मुक्त करने की जरूरत है। हमें देश में विश्वविद्यालयों की अभिवृद्धि के लिए आंतरिक आजादी की जरूरत है। हम इस व्यवस्था को बदलना चाहते हैं।"
सिब्बल ने कहा, "मैं सोचता हूं कि शिक्षा प्रणाली को इतना शिथिल नहीं होना चाहिए। लेकिन हमारे शिक्षण संस्थानों में जिस तरह के संकाय हैं, उनके कारण देश की शिक्षा प्रणाली गतिहीन बनी हुई है।"
सिब्बल ने कहा, "देश में शिक्षा के कई सारे नए मॉडल उभर रहे हैं। मैं कह सकता हूं कि दुनिया में भारत जैसा कोई ऐसा देश नहीं है, जहां लोग अपनी बौद्धिक संपदाओं को विकसित करने के लिए इस तरह की अपार मानव पूंजी पा सकते हैं।"
सिब्बल ने कहा कि देश में 100 बचों में से केवल 12 बच्चे ही कॉलेज स्तर की शिक्षा प्राप्त कर पाते हैं और केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 तक 12 की संख्या को 30 तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इस मामले में वैश्विक आंकड़ा 100 बच्चों में 27 का है। यूरोप में 100 में 15-17 बच्चे कॉलेज शिक्षा प्राप्त कर पाते हैं, जबकि अफ्रीकी देशों में 100 में से मात्र छह बच्चे ही कॉलेज शिक्षा प्राप्त कर पाते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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