चारा घोटाले में राजद के पूर्व सांसद को 5 साल की सजा
रांची, 1 अगस्त (आईएएनएस)। करोड़ों रुपये के चारा घोटाला के एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद आर.के. राणा को पांच साल जेल की सजा सुनाई। अदालत ने राणा पर चार लाख रुपये का जुर्माना भी किया है।
सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश बीरेश्वर झा ने गोड्डा जिले के कोषागार से 1992 में 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में राणा को यह सजा सुनाई। ये रुपये पशुओं की दवाओं के लिए फर्जी बिल के आधार पर निकाले गए थे।
सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को पूर्व सांसद आर.के.राणा समेत 14 को इस मामले में दोषी करार दिया था।
अदालत ने राणा समेत 12 आरोपियों को सजा सुनाई। आरोपियों को सुनाई गई सजा में न्यूनतम सजा साढ़े तीन साल और अधिकतम सजा पांच साल सुनाई गई।
इस मामले में न्यूनतम जुर्माना 40 हजार रुपये और अधिकतम जुर्माना आपूर्तिकर्ता त्रिपुरारी मोहन पर 4.90 लाख रुपये किया गया। मोहन को पांच साल जेल की सजा भी सुनाई गई।
मामले में कुल 20 लोग आरोपी थे। चार की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। दो ने अपना अपराध कबूल कर लिया था और 14 को शुक्रवार को दोषी करार दिया गया था। अदालत ने अपराध कबूल करने वाले दो दोषियों को ढाई-ढाई साल की सजा सुनाई थी।
राणा पशुपालन विभाग में कार्यरत थे और 1994 में नौकरी छोड़कर उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। बिहार के विभाजन के पूर्व वह राजद के टिकट पर लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।
वर्ष 2000 में बिहार से झारखंड के बंटवारे के दौरान चारा घोटाले के 61 मामले में से 53 मामले झारखंड स्थानांतिरत किए गए थे। त्वरित सुनवाई के लिए सीबीआई की सात अदालतें गठित की गई थीं। ये अदालतें अब तक 31 मामलों में फैसला सुनाते हुए 230 लोगों को दोषी करार दे चुकी हैं जिन्हें तीन से सात साल की सजा सुनाई गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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