हसीना पर हमले में पाक आतंकवादी संगठनों के समर्थकों का हाथ
बांग्लादेश में पिछले 15 वर्षो से छुपे मौलाना मंसूर अली ने पूछताछ में बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के साथ काम करने वाले संगठन आसिफ रजा कमांडो फोर्स (एआरसीएफ) ने बांग्लादेश के लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख मौलाना ताजुद्दीन को ये ग्रेनेड उपलब्ध कराए थे।
21 अगस्त 2004 को हसीना की रैली के दौरान हुए ग्रेनेड हमलों में उनकी अवामी लीग पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सहित 23 लोगों की मौत हुई थी और 300 से अधिक घायल हुए।
एक बुलेट प्रूफ गाड़ी में जा रही हसीना पर भी हमला किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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