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बूटा सिंह का बेटा गिरफ्तार, कांग्रेस ने पल्ला झाड़ा (राउंडअप)

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कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में बूटा सिंह से पल्ला झाड़ लिया है।

बूटा सिंह ने शुक्रवार को इस मामले में सफाई देते हुए पत्रकारों से कहा, "यह मेरे सियासी जीवन पर हमला है। मेरे निजी और सार्वजनिक जीवन को बदनाम करने के लिए यह षडयंत्र रचा गया है।"

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "मैं सीबीआई पर टिप्पणी करना नहीं चाहता। मैं सीबीआई को बहुत अच्छी तरह जानता हूं।"

कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने इस मुद्दे पर पार्टी की स्थिति को स्पष्ट करते हुए आईएएनएस से कहा, "पार्टी का इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। यह सीबीआई और बूटा सिंह के बेटे के बीच का मामला है। ऐसे में कानून को अपना काम करने देना चाहिए।"

सीबीआई हवाला सहित वित्तीय लेन-देन के अन्य मामलों में भी सिंह की संलिप्तता का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक नासिक के ठेकेदार रामराज पाटिल की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी।

पाटिल ने अपनी शिकायत में कहा था कि सिंह ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति कानून के तहत एक मामला वापस लेने के लिए उनसे तीन करोड़ रुपये रिश्वत की मांग की थी। बाद में यह सौदा एक करोड़ रुपये में तय हुआ था।

पाटिल नासिक नगर निगम में एक ठेकेदार हैं। पाटिल के साथ काम कर रहे लगभग 100 सफाई कर्मचारियों ने पाटिल के खिलाफ एक मामला दायर कर आरोप लगाया था कि वह एक तो उनका वेतन नहीं अदा कर रहा है, अलबत्ता कर्मचारियों के नाम पर उसने 10 करोड़ रुपये का कर्ज भी ले रखा है।

जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि स्वीटी सिंह मजदूरों के संपर्क में था और उसने तीन करोड़ में मामले को वापस करवाने का पाटिल को प्रस्ताव दिया था।

कुछ आनाकानी के बाद पाटिल ने एक करोड़ रुपये देने का वादा किया लेकिन साथ ही उसने स्वीटी सिंह की मांग के बारे में सीबीआई को भी सूचित कर दिया।

सीबीआई के संयुक्त निदेशक (पश्चिमी क्षेत्र) आर. आर. सिंह ने आईएएनएस को बताया, "रात के लगभग दो बजे हमने सिंह को उसके वकीलों की उपस्थिति में गिरफ्तार किया। इस समय मैं इससे अधिक जानकारी नहीं दे सकता।"

उल्लेखनीय है कि स्वीटी सिंह को नई दिल्ली में गुरुवार को कथित तौर पर एक करोड़ रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था। बाद में उन्हें मुंबई ले आया गया था।

अब भाजपा ने शुक्रवार को बूटा सिंह से एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मांग की है।

भाजपा महासचिव गोपीनाथ मुंडे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "यह खुले तौर पर भ्रष्टाचार का मामला है। लिहाजा बूटा सिंह को इस्तीफा दे देना चाहिए।"

भाजपा द्वारा मांगे गए इस्तीफे के सवाल पर बूटा सिंह ने कहा, "जो लोग मुझे नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं, पहले उन्हें अपनी नैतिक जिम्मेदारी की ओर झांक कर देख लेना चाहिए। यदि मैंने कुछ गलत किया है तो मैं इसके लिए अपनी जिंदगी दे दूंगा। मैं इस मामले को खुद से जांच करने के लिए सरकार से अनुमति मांगूंगा।"

इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कहा, "कानून को अपना काम करने दीजिए।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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