भोपाल गैस त्रासदी : वारेन एंडरसन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट (लीड-1)
अब से 25 साल पहले 1984 में यूनियन कार्बाइड से रिसी मिथाइल आइसो सायनाइड गैस ने भोपाल में तबाही मचा दी थी। इस हादसे में सैकड़ों लोग मारे गए थे और हजारों लोग आज भी मौत के मुहाने पर खड़े हैं। इस हादसे के लिए हर कोई तत्कालीन चेयरमैन वारेन एंडरसन को कथित तौर पर जिम्मेदार मानता है।
वारेन एंडरसन के खिलाफ मार्च 1992 में भोपाल की एक अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था जिसकी आज तक तामील नहीं हो पाई है। इसी को लेकर भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग संगठन और भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन ने 20 जुलाई को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सी•ोएम) एऩ पी़ तिवारी के न्यायलय में याचिका दायर की।
भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग संगठन की प्रदेश समन्वयक साधना कार्णिक प्रधान ने आईएएनएस को बताया कि न्यायालय ने शुक्रवार को एंडरसन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के अब्दुल जब्बार ने आईएएनएस को बताया कि न्यायलय ने एंडरसन के खिलाफ विभिन्न धराओं के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जब्बार के मुताबिक न्यायलय ने केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को भी इसकी जानकरी भेजी है।
न्यायलय के इस आदेश से गैस पीड़ितों में खुशी की लहर है। वे इसे अपनी जीत मान रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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