पाक युवकों ने बयान की आत्मघाती प्रशिक्षण केंद्र की कहानी

उन्होंने बताया है कि उनसे कहा गया था कि यदि उनके परिजन उन्हें सुरक्षा बलों के खिलाफ जिहाद में शामिल होने से रोकें तो उन्हें अपने परिजनों को भी निशाना बनाना चाहिए।

स्वात के सबसे बड़े शहर मिंगोरा से प्रकाशित समाचार पत्र डान की खबर के अनुसार युवकों ने कहा है कि उन्हें उनके गांवों से जबरन उठाकर मट्टा उप जिले के विभिन्न हिस्सों में स्थित प्रशिक्षण केंद्रों में ले जाया गया, जहां बड़ी संख्या में युवकों को पहले से आत्मघाती हमले के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था।

सुरक्षा बलों ने इन युवकों को गुरुवार को मिंगोरा में संवाददाताओं के समक्ष पेश किया। फजल बंदा नामक एक शिविर में रहे उनमें से दो युवकों ने कहा कि कम से कम 250 युवकों को वहां आतंकी गतिविधियों और आत्मघाती हमलों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था।

उनमें से एक युवक ने बताया कि वह खेत में काम कर रहा था, तभी सशस्त्र आतंकियों ने उन्हें एक कार में जबरन उठा लिया। युवक ने बताया, "उन्होंने मेरी आंखों पर पट्टी बांध दी और मुझसे कहा कि मुझे आत्मघाती हमले के लिए प्रशिक्षण लेना होगा।"

युवक ने बताया, "बंदूकधारी मुझे फजल बंदा प्रशिक्षण शिविर लेकर गए, जहां तमाम युवकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। उन्होंने मुझसे कहा कि सुरक्षा बल के लोगों के खिलाफ हमें जिहाद में हिस्सा लेना चाहिए। यदि हमारे परिवार के लोग हमें जिहाद में शामिल होने से रोकते हैं तो हमें उन्हें भी निशाना बनाना चाहिए।"

एक दूसरे युवक ने कहा कि वह अपने गांव में था तभी एक समूह ने एक वाहन पर कुछ सामान चढ़ाने में मदद के लिए आवाज लगाई। "जब मैं उनकी मदद के लिए गया तो कुछ नकाबपोशों ने हमें वाहन में भर लिया और वहां से मुझे लेकर चंपत हो गए। उन्होंने मेरे चेहरे पर एक नकाब चढ़ा दिया और जब मैं चुपरयाल में स्थित एक प्रशिक्षण शिविर में पहुंचा तो मेरे चेहरे से नकाब हटाया गया।"

युवक ने कहा कि कोई 150 युवकों को वहां प्रशिक्षित किया जा रहा था। उनमें से कुछ स्वेच्छा के साथ आतंकियों से जुड़े हुए थे, जबकि कुछ को अगवा किया गया था।

एक युवक ने कहा कि तालिबान आतंकियों ने उन्हें अगवा कर लिया था और उनसे कहा था कि उन्हें जिहाद के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। "वे हमें प्रशिक्षण देते थे और मामूली भोजन देते थे। तीन से चार युवकों के लिए एक चपाती दी जाती थी और थोड़ी हरी चाय। उन्होंने हमें धमकी दे रखी थी कि जिसने भी भागने की कोशिश की उसे कत्ल कर दिया जाएगा।"

युवकों ने बताया कि इसके बाद भी चार दिनों बाद वे प्रशिक्षण शिविर से भाग गए और किसी तरह अपने-अपने घर पहुंचे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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