• search

भारत में 53 हजार बच्चे एचआईवी पॉजिटिव

|
Ghulam Nabi Azad
नई दिल्ली। एचआईवी एड्स की रोकथाम के लिए किए जा रहे तमाम अभियानों के बावजूद यह बीमारी लगातार अपने पैर पसारती जा रही है। अगर भारत की बात करें तो देश भर में एचआइवी से संक्रमित बच्चों की संख्या 53,000 हजार के करीब पहुंच गई है। आंकड़ो के लिहाज से सबसे ज्यादा संख्या तमिलनाडु में है जहां इनकी संख्या 2,650 के करीब है।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। आजाद ने बताया कि 2006 में 2,253 बच्चों के एचआईवी से संक्रमित होने के बारे जानकारी दी गई थी, जबकि 24,977 बच्चे पहले से पंजीकृत थे। उन्होंने बताया कि मई 2009 में यह संख्या बढ़कर 52,973 पहुंच गई।

देश भर में 25 लाख एचआईवी पॉजिटिव

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के मुताबिक भारत में इस समय कुल 25 लाख लोग एचआईवी एड्स से संक्रमित हैं। उन्‍होंने कहा कि बच्‍चो में इस बीमारी के आने का सबसे बड़ा जरिया उनकी संक्रमित माताएं हैं। इसी की रोकथाम के लिए मां से बच्‍चे में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए पीपीटीसीटी कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2008 में 41 लाख गर्भवती महिलाओं का परीक्षण कराया गया, जिनमें 19,986 महिलाएं एचआईवी पॉजिटिव थीं। उनमें से 10,179 महिलाओं का उपचार कर उनके बच्‍चों में एचआईवी के संक्रमण को रोका गया।

महाराष्‍ट्र दूसरे नंबर पर

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्‍यादा 2446 केस तामिलनाडु में पाए गए हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्‍ट्र है, जहां से 1,269 नए मामले सामने आए। देश भर में पिछले साल 4,714 नए मामले सामने आए। आंध्र प्रदेश जहां 2007 में सबसे ज्‍यादा 6,460 नए मामले आए थे, वहां पिछले साल संख्‍या 748 रही। वहीं दिल्‍ली में पिछले साल 3,807 मामले दर्ज हुए उसके बाद 748 नए मामले यहां भी आए।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more