किताबों में पैगंबर की तस्वीर, बवाल

किताब के तीसरे संस्करण में छपी तस्वीर
मोहम्मद साहब की तस्वीर 'उदयीमान भारतीय समाज में शिक्षक' शीर्षक वाली किताब में छापी गई है। यह तस्वीर किताब के पेज संख्या 403 पर मौजूद 'मानव उत्थान के लिए विभिन्न धर्मों का योगदान' नाम के पाठ के तहत छपी है। किताब के लेखक युवराज दत्त हैं, जो लखीमपुर खीरी पोस्ट ग्रैजुएट कॉलेज के पूर्व प्रफेसर हैं। मोहम्मद साहब की तस्वीर किताब के तीसरे संस्करण में छपी है जो इसी साल बाज़ार में आई है।
किताब को लेकर मुस्लिम समुदाय ने सरकार के खिलाफ खासी नाराजगी व्यक्त की है। यही नहीं विपक्षी दलों ने भी राज्य सरकार को आड़े हाथों ले लिया है। मीडिया ने जब दत्त ने इस बारे में पूछा तो उनका जवाब था कि मोहम्मद साहब की ढेर सारी तस्वीरें इंटरनेट पर मौजूद हैं और किताब में छपी तस्वीर वहीं से डाउनलोड की गई है।
प्रशासन का तर्क
इस मामले पर उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशक मियां जान का कहना है कि ये किताब कभी भी पाठ्यपुस्तक के तौर पर नहीं पेश की गई। और तो और जिला प्रशासन ने इस किताब के प्रकाशन और बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। मियां जान के मुताबिक ऐसी किताबें पाठ्यक्रम का हिस्सा कभी भी नहीं हो सकतीं। इसके अलावा विभिन्न यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रारों ने भी कहा है कि उनके यूनिवर्सिटी के बीएड पाठ्यक्रम का हिस्सा कभी भी यह पुस्तक नहीं रही।
विपक्ष की नाराजगी
पैगंबर की तस्वीर छापे जाने के मामले पर विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के नेता उज्ज्वल रमन सिंह ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा है ऐसा करके सरकार ने इस्लाम धर्म का अपमान किया है। समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरेगी। यदि पुस्तक से तस्वीर नहीं हटाई गई तो वह इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे।


Click it and Unblock the Notifications