तेल मंत्रालय पर बरसे अनिल अंबानी

कंपनी के शेयर धारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि आंध्र प्रदेश तट से निकलने वाली इस गैस को यदि समझौते के मुताबिक 2.34 प्रति यूनिट के हिसाब से आपूर्ति की जाती है तो भी सरकार को एक रुपये का नुकसान नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
उन्होंने कहा, "2.34 डॉलर प्रति यूनिट की गैस की कीमत दोनों भाइयों के बीच डिनर टेबल पर तय नहीं की गई थी।" उन्होंने कहा कि यह कीमत वैश्विक तेल की स्थिति को देखकर तय की गई थी और वर्ष 2005 रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने इसकी मंजूरी दी थी।
पिछले माह बंबई उच्च न्यायालय ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज को 2.34 डॉलर प्रति यूनिट के हिसाब से 17 वर्षो तक गैस की आपूति करने का आदेश दिया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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