उमर के सशर्त इस्तीफे से राज्यपाल के पास विकल्प सीमित : संविधान विशेषज्ञ
प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं संविधान विशेषज्ञ जफर शाह ने आईएएनएस से कहा, "राज्य के संविधान के मुताबिक मुख्यमंत्री के इस्तीफे को खारिज करने का अधिकार राज्यपाल के पास नहीं है। "
शाह ने कहा कि राज्यपाल के पास संवैधानिक विकल्प यह है कि वे अब्दुल्ला से कह सकते हैं कि जिस आधार पर उन्होंने इस्तीफा दिया है वह प्रासंगिक नहीं है इसीलिए वह अपने इस्तीफे पर पुनर्विचार करें।
इस स्थिति में अब्दुल्ला अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि जम्मू एवं कश्मीर राज्य का अपना भी संविधान है जो कि भारतीय संविधान के साथ-साथ लागू होता है।
अब्दुल्ला बुधवार को न तो अपने कार्यालय गए और न ही विधानसभा पहुंचे। उन्होंने ऐसा करके संकेत दिया कि अभी उन्होंने इस्तीफा वापस नहंीं लिया है।
एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि इस्तीफा देने की वजह से उन्होंने अपने वाहन पर झंडा भी नहीं लगाया।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को विधानसभा में एक सेक्स स्कैंडल में विपक्षी, पीपुल्स डेमाक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) द्वारा अपना नाम घसीटे जाने से आहत होकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने पद से सशर्त इस्तीफा दे दिया था।
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने विधानसभा में घोषणा की कि जब तक वह इस मामले में निर्दोष साबित नहीं हो जाते तब तक मुख्यमंत्री पद से दूर रहेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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